राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से टीएमसी को झटके पे झटका लगते जा रहा है। TMC के नेताओं, पार्षदों और दमखम रखने वालों पर पुलिस और एजेंसी का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी बीच भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई लोगों की गिरफ़्तारी होने के बाद से पार्टी के अंदर एक भगदड़ सा मचा हुआ है। इस कड़ी में हुगली जिले के भद्रेश्वर नगरपालिका के चेयरमैन सहित 8 पार्षदों का एकसाथ इस्तीफा देना राजनीतिक रूप से अचंभित करता है।

चेयरमैन प्रलॉय चक्रवर्ती ने कहा कि जनता की राय का सम्मान करते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया है। जनता की राय का सम्मान का बात करते हुए उन्होंने हार की जिम्मेदारी भी ली.

TMC को उस समय बहुत बड़ा झटका लगा जब हुगली जिले के भद्रेश्वर नगरपालिका के चेयरमैन प्रलय चक्रवर्ती के साथ 7 पार्षदों ने अपने पदों से 28 मई 2026 को सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद छोड़ा है।

TMC के कब्जे में 22 वार्डों वाली यह भद्रेश्वर नगरपालिका पहले एकदम विपक्षी शून्य था, पर हालिया चुनावों में पार्टी को 14 वार्डों में करारी हार मिली है।चंदन नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत यह भद्रेश्वर नगरपालिका आती है जहां से TMC के उम्मीदवार को हार मिली है।

दबीं जबान में ऐसा कहा जा रहा है कि इस्तीफे के पीछे का कारण राजनीतिक बदलाव और कथित भ्रष्टाचार का दर भी हो सकता है। TMC के ही एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि राजनीतिक बदलावों के बाद से ही फन्डिंग मिलने में दिक्कतें आनी शुरू हो गयी थी जिससे पार्षद अब काम करना नहीं चाहते थे। BJP के कुछ लोगों लोकल लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि भ्रष्टाचार के आरोपों में अपना नाम फंसने के डर से इस्तीफा दिया है.

हालांकि, चेयरमैन प्रलॉय चक्रवर्ती ने कहा कि मैंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया. जनता जिसे सपोर्ट करें उसे काम करने देना चाहिए. गुरुवार को प्रलॉय ने भद्रेश्वर नगरपालिका के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को अपना इस्तीफा दे दिया है.

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