SMS Hospital Kidney Transplant: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया अब फिर से सामान्य हो गई है। कुछ समय से लंबित मामलों के कारण परेशान मरीजों और उनके परिवारों के लिए यह राहत की खबर है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब ट्रांसप्लांट की सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।

इस बीच 22 वर्षीय आदित्य की कहानी कई लोगों को भावुक कर रही है। बीटेक के अंतिम सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहे आदित्य की दोनों किडनियां फेल हो गई थीं। इलाज के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। अब अगले सप्ताह एसएमएस अस्पताल में उनका किडनी ट्रांसप्लांट होगा। बेटे को नई जिंदगी देने के लिए उनके पिता ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया है। वहीं, मुरैना के रहने वाले 30 वर्षीय सोनू का किडनी ट्रांसप्लांट भी इसी शुक्रवार को होना तय है।
तकनीकी वजह से हुई थी देरी
हाल ही में ट्रांसप्लांट में हो रही देरी की खबरें सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। यूनिट हेड डॉ. संजीव शर्मा ने माना कि कुछ तकनीकी कारणों से प्रक्रिया प्रभावित हुई थी, लेकिन अब सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं।
अस्पताल के अनुसार, राजस्थान में सबसे अधिक किडनी ट्रांसप्लांट एसएमएस अस्पताल में ही किए जाते हैं। यहां हर साल 70 से अधिक सफल ट्रांसप्लांट होते हैं।
अब मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को अब समयबद्ध बनाया गया है ताकि मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं पहले की तरह सुचारू हैं और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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