अखिलेश यादव ने एफसीआरए और परिसीमन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए और कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है। उन्होंने आर्थिक नीतियों, विपक्ष के सवालों, ममता बनर्जी की सुरक्षा और उत्तर प्रदेश में जमीनों पर कब्जे के मुद्दे भी उठाए।

सतीश सिंह, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान एफसीआरए और परिसीमन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआरए के जरिए संस्थाओं को डराने और उन पर कब्जा करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों बिलों का विरोध कर रही है।

एफसीआरए पर सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि कई संस्थाएं विदेश से मिलने वाली आर्थिक मदद के जरिए अच्छे काम कर रही हैं। उनके मुताबिक सरकार एफसीआरए के माध्यम से ऐसी संस्थाओं को डराने का काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए किया जा सकता है।

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में जमीनों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए भाजपा को ‘बहुत बड़ी भूमाफिया पार्टी’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां खाली जमीन या तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में जमीनों के दाम तेजी से बढ़ने का भी आरोप लगाया।

भारत का पैसा बाहर जाने पर सवाल

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले काला धन वापस लाने और देश का पैसा बाहर जाने से रोकने का वादा किया था।

उन्होंने सवाल किया कि जब भारत से बाहर का पैसा देश में आने पर पाबंदी लगाने की बात की जा रही है तो भारत का पैसा बाहर जाने पर सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि कई लोग बैंकों का पैसा लेकर देश से बाहर चले गए और सरकार को बताना चाहिए कि ऐसे मामलों में उसने क्या कार्रवाई की।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद केवल पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं।

विपक्ष के सवालों पर हमला

अखिलेश यादव ने सरकार पर विपक्ष के सवालों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता विपक्षी नेताओं को चुनकर संसद भेजती है और लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना होता है, लेकिन सरकार सवालों का जवाब नहीं देना चाहती।

उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं के आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, लाठी और दूसरी कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक कई छात्र घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हुए।

अखिलेश यादव ने प्रयागराज में छात्रों पर दर्ज मुकदमों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों पर मुकदमे नहीं लगाने और उन्हें परेशान नहीं करने की बात कही थी, लेकिन बाद में कई लोगों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए।

परिसीमन बिल पर भी निशाना

अखिलेश यादव ने परिसीमन बिल को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने के लिए परिसीमन बिल ला रही है, लेकिन देश की वास्तविक सीमाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब नहीं दे रही।

उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि वर्ष 2014 में देश का क्षेत्रफल और सीमाएं क्या थीं और आज क्या स्थिति है। उनका आरोप था कि सरकार निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने की बात कर रही है, लेकिन देश की सीमा की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त जवाब नहीं दे रही।

ममता बनर्जी पर हमले की निंदा

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले को लेकर भी अखिलेश यादव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यदि उन पर सरकार की ओर से हमला कराया जा रहा है तो यह बेहद निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान नहीं होना चाहिए। अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को पूरी सुरक्षा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।