FIFA World Cup 2026: फुटबॉल के महाकुंभ यानी फीफा विश्व कप के 23वें संस्करण से पहले फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर और कप्तान काइलियन एमबापे ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि अपनी टीम को तीसरी बार विश्व चैंपियन बनाना है। हालांकि वह इस टूर्नामेंट में फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शामिल पेले, जस्ट फोंटेन और मिरोस्लाव क्लोस के रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन उनका मानना है कि महान खिलाड़ियों की विरासत केवल आंकड़ों से नहीं मापी जा सकती।

बता दें कि विश्व कप से पहले दिए एक विशेष साक्षात्कार में एमबापे ने कहा कि फ्रांस के पास बेहतरीन खिलाड़ियों का समूह है, लेकिन खिताब जीतने के लिए मैदान पर प्रदर्शन करना सबसे ज्यादा जरूरी होगा।

विश्व कप जीतना आसान नहीं, मैदान पर साबित करना होगा

फ्रांस को टूर्नामेंट का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है, लेकिन एमबापे का मानना है कि केवल दावेदार कहलाने से कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा, “अगर लोग हमें दावेदार मानते हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन विश्व कप जीतना बेहद मुश्किल काम है। हमारे पास प्रतिभाशाली और भूखे खिलाड़ियों की टीम है, लेकिन हमें यह मैदान पर साबित करना होगा। कई अन्य टीमें भी खिताब जीतने की क्षमता रखती हैं।”

हर टीम खतरा, किसी को हल्के में नहीं ले सकते

एमबापे ने कहा कि विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में किसी भी टीम को कमजोर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, “जो टीमें विश्व कप तक पहुंचती हैं, वे पहले ही अपनी गुणवत्ता साबित कर चुकी होती हैं। इसलिए किसी को भी दौड़ से बाहर नहीं माना जा सकता। कुछ पारंपरिक दिग्गज देश हमेशा खतरनाक होते हैं, लेकिन हर मैच नई चुनौती लेकर आता है।”

काफू की उपलब्धि दोहराने पर भी टीम सबसे ऊपर

ब्राजील के महान खिलाड़ी काफू लगातार तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले एकमात्र फुटबॉलर हैं। एमबापे के पास भी ऐसा करने का मौका है यदि फ्रांस 2026 विश्व कप के फाइनल तक पहुंचता है।

इस पर उन्होंने कहा, “काफू की उपलब्धि शानदार है, लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण टीम है। अगर हम फाइनल तक पहुंचते हैं तो निश्चित रूप से खुशी होगी। मुझे सपने देखना पसंद है, लेकिन फिलहाल हमारा पूरा ध्यान टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत पर है।”

सेनेगल के खिलाफ पहला मैच, इतिहास नहीं खिलाड़ी तय करेंगे नतीजा

फ्रांस का पहला मुकाबला सेनेगल से होना है। वर्ष 2002 के विश्व कप में सेनेगल ने अपने पहले ही मैच में फ्रांस को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

इस सवाल पर एमबापे ने कहा, “इतिहास मैच नहीं खेलता, खिलाड़ी खेलते हैं। यह एक नई शुरुआत होगी। सेनेगल बेहद मजबूत और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों वाली टीम है। हमें पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरना होगा।”

ह्यूगो लोरिस की कमी जरूर खलेगी

फ्रांस के पूर्व कप्तान और गोलकीपर ह्यूगो लोरिस के संन्यास को लेकर एमबापे ने कहा कि उनकी कमी महसूस होगी।

उन्होंने कहा, “वह लंबे समय तक हमारे कप्तान रहे। उनकी कप्तानी में हमने 2018 का विश्व कप जीता और 2022 का फाइनल खेला। गोलपोस्ट के सामने उनकी मौजूदगी पूरी टीम को आत्मविश्वास देती थी। लेकिन अब हमें आगे बढ़ना होगा।”

डेशचैंप को बताया फ्रेंच फुटबॉल का लीजेंड

फ्रांस के मुख्य कोच दिदियर डेशचैंप के बारे में बात करते हुए एमबापे ने उन्हें फुटबॉल का महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा, “1998 में वह विश्व कप जीतने वाली फ्रांसीसी टीम के कप्तान थे। 2018 में उन्होंने कोच के रूप में विश्व कप जिताया और 2022 में टीम को फाइनल तक पहुंचाया। उनका करियर खुद उनकी महानता की कहानी कहता है।”

2022 फाइनल की हार आज भी देती है दर्द

कतर विश्व कप 2022 के फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ मिली हार को याद करते हुए एमबापे भावुक नजर आए।

उन्होंने कहा, “विश्व कप फाइनल ऐसी रात होती है जब पूरी दुनिया थम जाती है। हम जीत के बेहद करीब थे, लेकिन पेनाल्टी शूटआउट में हार गए। उस हार ने हम सभी का दिल तोड़ दिया था। निराशा हमेशा रहेगी, लेकिन वही हार हमें आगे बेहतर करने की प्रेरणा भी देती है।”

पेले का रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं, लेकिन उनके स्तर तक नहीं पहुंच सकता

विश्व कप 2026 में एमबापे के पास कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। एक गोल करते ही वह विश्व कप गोलों के मामले में पेले से आगे निकल सकते हैं। दो गोल उन्हें फ्रांस के महान स्ट्राइकर जस्ट फोंटेन से आगे पहुंचा देंगे, जबकि पांच गोल करने पर वह विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले मिरोस्लाव क्लोस का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं। हालांकि एमबापे का कहना है कि रिकॉर्ड और महानता दो अलग बातें हैं।

उन्होंने कहा, “पेले, जस्ट फोंटेन और क्लोस जैसे नाम फुटबॉल इतिहास में अमर हैं। आप उनके गोलों के रिकॉर्ड को पार कर सकते हैं, लेकिन उनके प्रभाव और स्तर तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। पेले सिर्फ महान खिलाड़ी नहीं थे, वे फुटबॉल की पहचान थे।”

व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, तीसरे विश्व कप खिताब पर नजर

एमबापे ने साफ किया कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की सफलता है। उन्होंने कहा, “अगर मैं इस विश्व कप में एक, दो या पांच गोल करता हूं तो निश्चित रूप से खुशी होगी, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी तब होगी जब फ्रांस विश्व कप जीत जाएगा। 2018 में मैंने विश्व कप जीतने का अनुभव किया है। अगर हम 2026 में तीसरा खिताब जीतते हैं तो मैं दुनिया का सबसे खुश इंसान होऊंगा।”

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