एसडीएम शिवजीत भारती ने नारायणगढ़ क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मानसून से पहले सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
राजेश वर्मा, अंबाला। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए नारायणगढ़ के एसडीएम शिवजीत भारती ने बुधवार को क्षेत्र में चल रहे विभिन्न बाढ़ सुरक्षा एवं संरक्षण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सिंचाई विभाग की एसडीओ शिखा बंसल भी उनके साथ मौजूद रहीं। एसडीएम ने बनौंदी बांध पर जारी स्टोन स्टेनिंग (पत्थर जड़ाई) और गांव नगावां, डैहर, चमेल माजरा तथा शाहपुर में हो रहे सुरक्षा कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतरने चाहिए और वर्षा ऋतु के आगमन से पहले हर हाल में पूरे किए जाने चाहिए ताकि संभावित आपदा के समय आमजन को सुरक्षा मिल सके।
सुरक्षा दीवार और पुल का निरीक्षण
एसडीएम ने कालाआंब स्थित रामबाग कॉलोनी का विशेष दौरा किया, जहां सुरक्षा दीवार का निर्माण हो रहा है। पिछले साल बाढ़ के दौरान यहां कटाव से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी, जिसके स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने रिटेनिंग वॉल का काम शुरू करवाया है। इसके अलावा उन्होंने मार्कंडा नदी पर बन रहे गदौली पुल के निर्माण कार्य की गति का भी जायजा लिया। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों के जीवन और उनकी संपत्ति की सुरक्षा करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाएं और किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता के मामले में कोई भी समझौता नहीं होगा।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
एसडीएम शिवजीत भारती ने बताया कि वर्ष 2025 में बाढ़ के कारण कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों को काफी नुकसान हुआ था। उस अनुभव से सीखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों की गुणवत्ता को लेकर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि इस बार के मानसून सीजन में पिछले वर्ष जैसी स्थितियों की पुनरावृत्ति न हो। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी और भरोसा दिलाया कि तय समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। प्रशासनिक सतर्कता से स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

