प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अपील के बाद ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक काफिले(Convoy) में कटौती करते हुए वाहनों की संख्या 12 से घटाकर 4 कर दी है। इन चार वाहनों में से दो इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शामिल किए गए हैं, जिससे ईंधन की खपत कम करने और प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने केवल अपने काफिले में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे में भी ईंधन बचत को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों से सरकारी वाहनों का उपयोग कम करने, कारपूलिंग अपनाने और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की है।

बताया जा रहा है कि Z+ सुरक्षा प्राप्त होने के बावजूद सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना यह बदलाव किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से काफिले को छोटा किया गया है ताकि प्रशासनिक दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी दोनों को संतुलित रखा जा सके।

दिल्ली सरकार के दफ्तरों में ‘नो कार डे’

दिल्ली सरकार ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 11 बिंदुओं वाला नया आदेश जारी किया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। नए निर्देशों के तहत अब दिल्ली सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को हर सप्ताह एक दिन “नो कार डे” मनाना होगा। इस दिन उन्हें निजी या सरकारी वाहनों का उपयोग करने के बजाय सार्वजनिक परिवहन या साझा वाहन (carpooling) का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यक्रमों में साझा यात्रा को बढ़ावा दिया जाए और जहां संभव हो, अधिकारी एक ही वाहन में यात्रा करें। इसके साथ ही सरकारी वाहनों के उपयोग को सीमित करने पर भी जोर दिया गया है। नई नीति के तहत सभी सरकारी दफ्तरों और परिसरों में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभागीय वाहन बेड़े को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की योजना पर काम करने को कहा गया है। नए निर्देशों में अधिकारियों को अगली सूचना तक गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने के लिए भी कहा गया है।

नए निर्देशों के अनुसार अब अधिकारियों को निरीक्षण, फील्ड विजिट और दफ्तर आने-जाने के दौरान कारपूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है। सरकारी कार्यक्रमों और उद्घाटन समारोहों में भी सामूहिक यात्रा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारी जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), साझा वाहनों या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इससे ईंधन की खपत कम करने और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। अनावश्यक यात्राओं को कम करने के लिए विभागों को वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।

सरकारी निर्देशों के अनुसार अब डीजल या ट्रैक्टर से चलने वाले पंपों के बजाय इलेक्ट्रिक पंप और स्थायी पंपिंग स्टेशनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल ईंधन की खपत कम होगी बल्कि रखरखाव और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। विभागीय बागवानी और हरित क्षेत्र से जुड़े कार्यों में अब केवल जैविक खाद के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य रासायनिक खाद के उपयोग को घटाकर मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाना है। आदेश में सभी विभागों को ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है, ताकि पेड़ों की छंटाई और जैविक कचरे का बेहतर प्रबंधन किया जा सके और उसका पुनः उपयोग संभव हो। सरकारी विभागों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने और पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सभी लंबित विदेश यात्राएं रद्द

आदेश के अनुसार अगले आदेश तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को निजी या सरकारी किसी भी उद्देश्य से विदेश यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि विदेश यात्रा से जुड़े सभी लंबित प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से रद्द माने जाएंगे। साथ ही पहले से स्वीकृत अवकाश भी निरस्त कर दिए जाएंगे, ताकि इस नीति को सख्ती से लागू किया जा सके। सभी विभागों को इन निर्देशों के पालन की साप्ताहिक रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे नीतियों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य पेट्रोलियम खपत कम करना और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा, “सरकारी वाहनों का उपयोग कम करना, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना, अधिकारियों का साथ यात्रा करना और वर्चुअल मीटिंग्स बढ़ाना ये सभी कदम प्रशासन को अधिक प्रभावी और जिम्मेदार बनाने की दिशा में हैं।”

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