St Stephen’s College: दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए ड्रेस कोड को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा कैंपस के कई प्रमुख हिस्सों में छात्रों के शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगाए जाने के बाद छात्रों ने इसका विरोध जताया है। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन मंगलवार को कई छात्र शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे और प्रशासन के फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई। छात्रों का कहना है कि पहनावे को लेकर इस तरह के प्रतिबंध व्यक्तिगत स्वतंत्रता और छात्रों की पसंद के अधिकार को प्रभावित करते हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, कैंपस के कुछ प्रमुख शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में शॉर्ट्स पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, क्लासरूम, असेंबली हॉल, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल और चैपल जैसे स्थानों पर शॉर्ट्स पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। नोटिस में सभी “जूनियर सदस्यों” से संस्थान के ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इस नोटिस पर कॉलेज की नई प्रिंसिपल Susan Elias के हस्ताक्षर हैं। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह कदम परिसर में अनुशासन, गरिमा और औपचारिक शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान की परंपराओं और वातावरण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

पहले ही दिन छात्रों का विरोध, शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे छात्र
कॉलेज प्रशासन द्वारा कैंपस के कई प्रमुख हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगाए जाने के बाद छात्रों ने नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन इसका विरोध शुरू कर दिया। मंगलवार को कई छात्र शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे और नए नियम के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। छात्रों का कहना है कि पहनावा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है और इस तरह की पाबंदियां छात्रों के अधिकारों को सीमित करती हैं। उनका तर्क है कि किसी व्यक्ति के कपड़ों के आधार पर उसकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता या अनुशासन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। विरोध कर रहे छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि कॉलेज प्रशासन को छात्रों के पहनावे की बजाय शिक्षा, शोध और अकादमिक माहौल को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। कुछ छात्रों का कहना है कि ड्रेस कोड से जुड़े इस फैसले की पर्याप्त और समय रहते जानकारी नहीं दी गई, जिसके कारण नए सत्र के पहले दिन कई छात्र असमंजस की स्थिति में रहे।
छात्रों का कहना है कि नोटिस की भाषा पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण यह समझना मुश्किल हो रहा है कि यह नियम केवल नए छात्रों के लिए है या कॉलेज के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगा। इसी वजह से छात्रों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों के दायरे और उनके अनुपालन को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी न रहे।
अनुशासन बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा बना चर्चा
सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कॉलेज परिसर से निकलकर सोशल मीडिया और व्यापक छात्र समुदाय तक पहुंच गया है। ड्रेस कोड को लेकर विभिन्न वर्गों में बहस तेज हो गई है और इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
एक पक्ष का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों को अपने परिसर में अनुशासन, गरिमा और संस्थागत मर्यादा बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड लागू करने का अधिकार है। उनके अनुसार, कॉलेज केवल कुछ विशेष स्थानों जैसे क्लासरूम, लाइब्रेरी, असेंबली हॉल, डाइनिंग हॉल और चैपल में औपचारिक वातावरण बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जो किसी भी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के लिए सामान्य व्यवस्था मानी जा सकती है।
वहीं, दूसरे पक्ष का तर्क है कि यह फैसला छात्रों की व्यक्तिगत पसंद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप है। विरोध करने वाले छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि किसी छात्र के पहनावे को उसकी शैक्षणिक क्षमता, अनुशासन या संस्थान के प्रति सम्मान से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
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