Dharm Desk- शनिदेव जब भी अपनी चाल बदलते हैं तो इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. 17 मई को शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र से निकलकर रेवती नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. जहां वे 9 अक्टूबर तक विराजमान रहेंगे. रेवती नक्षत्र, जिसे 27 नक्षत्रों में अंतिम और अत्यंत शुभ माना जाता है. यह नक्षत्र बुध के अधीन आता है. समृद्धि, यात्रा, शिक्षा व नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है. ऐसे में शनि का इस नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए सौभाग्य, मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा के नए द्वार खोल सकता है.

हालांकि, ज्योतिषविदों के अनुसार यह परिवर्तन हर किसी के लिए समान रूप से शुभ नहीं रहेगा. जिन जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है. उनके लिए चुनौतियां बढ़ सकती है. साथ ही मिथुन राशि वालों को भी इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. शनि, जो सबसे धीमी गति से चलने वाला और कर्म फल देने वाला ग्रह है. अपने इस नक्षत्र परिवर्तन से जीवन के कई क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव ला सकता है, ऐसे में यह गोचर कुछ लोगों के लिए उन्नति का मार्ग बनाएगा तो कुछ के लिए धैर्य और सावधानी की परीक्षा लेगा. अब यहां जानते हैं किन लोगों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन लाभकारी सिद्ध होने वाला है.
वृषभ राशि
शनि के नक्षत्र परिवर्तन से वृषभ राशि के जातकों के लिए लाभ के द्वार खुलेगा. रुका हुआ धन मिलने के योग है. आय के नए स्रोत बनेंगे. व्यापार में विस्तार होगा. निवेश के लिए समय अनुकूल है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. ग्यारहवें भाव में शनि का गोचर पुरानी इच्छाओं की पूर्ति कर सकता है. करियर में भी लाभ दिलाएगा.
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए शनि का गोचर सातवें भाव में शुभ परिणाम देगा. बिजनेस पार्टनरशिप में लाभ होगा. जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर बनेंगे. कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है. नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के योग हैं. मेहनत का पूरा फल मिलेगा, हालांकि दोस्तों से सतर्क रहना जरूरी रहेगा.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए शनि का गोचर पंचम भाव में सकारात्मक प्रभाव डालेगा. शिक्षा, संतान और प्रेम संबंधों में शुभ समाचार मिल सकते है. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति मिलेगी. रुके हुए कार्य पूरे होंगे. लेकिन खर्च सोच-समझकर करें. किसी पर अंधा विश्वास न करें. संबंधों में सावधानी बनाए रखें.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के दूसरे भाव में शनि का गोचर आर्थिक रूप से लाभकारी रहेगा. धन संचय के अवसर मिलेंगे और बैंक बैलेंस बढ़ेगा. वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे करियर में फायदा होगा. परिवार का सहयोग मिलेगा और धातु से जुड़े कारोबार में लाभ संभव है, हालांकि सफलता के लिए धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी रहेगा.

