अनुज कुमार पांडेय,​ गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले से गुजरने वाली गंडक नदी में हुए भीषण नाव हादसे के तीसरे दिन रविवार को एक बड़ी और दुखद सफलता मिली है। लगातार जारी खोज अभियान के बीच एसडीआरएफ की टीम ने लापता आठ वर्षीय बच्ची अन्नया कुमारी का शव नदी से बरामद कर लिया है। अन्नया स्थानीय टंडसपुर गांव के निवासी मजीस्टर राय की पुत्री थी। जैसे ही मासूम का शव पानी से बाहर निकाला गया, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे टंडसपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

खराब मौसम और तेज हवा बनी हादसे की वजह

​यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब गांव के एक किसान परिवार के छह सदस्य गंडक नदी के पार स्थित अपने खेतों में मूंग की फसल तोड़ने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, नाव अभी नदी के बीच धारा में पहुंची ही थी कि अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के झोंकों और नदी की उफनती लहरों के कारण नाव पूरी तरह असंतुलित हो गई और देखते ही देखते गहरे पानी में पलट गई।

​नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई। हालांकि, नदी किनारे मौजूद स्थानीय लोगों और नाविकों की तत्परता के कारण नाव पर सवार छह लोगों में से तीन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण तीन मासूम बच्चियां नदी की मुख्य धारा में बहकर लापता हो गईं।

​महाजाल और गोताखोरों के सहारे सर्च ऑपरेशन

​हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी की तेज धारा और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार को टीम ने अन्नया कुमारी के शव को ढूंढ निकाला।

दो बच्चियां अब भी लापता

​इस हादसे ने एक बार फिर नदियों में बिना सुरक्षा मानकों के होने वाले परिचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, लापता दोनों बच्चियों के सुरक्षित मिलने की उम्मीदें समय के साथ धुंधली होती जा रही हैं, लेकिन प्रशासन और गोताखोरों की टीमें उम्मीद की आखिरी किरण के साथ नदी की लहरों को खंगालने में जुटी हुई हैं। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा जिला इस घटना से स्तब्ध है।

ये भी पढ़ें- बच्चों की लड़ाई शांत कराने गए व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीटा, इलाज के दौरान मौत