वीरेंद्र कुमार/हरनौत (नालंदा): बिहार के नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र स्थित गोनावां गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद को सुलझाने गए एक 58 वर्षीय अधेड़ की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शनिवार को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है।
क्या था पूरा मामला?
मृतक की पहचान गोनावां गांव निवासी स्वर्गीय बिरजू राम के पुत्र दुखीराम के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बीते 16 तारीख को गांव के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दुखीराम को जब इसकी सूचना मिली, तो वे अपने बच्चे को वहां से सुरक्षित घर लाने और बढ़ते झगड़े को शांत कराने के उद्देश्य से मौके पर पहुंचे थे।
परिजनों का गंभीर आरोप
मृतक के पुत्र रूपेश कुमार ने आरोप लगाया है कि जब उनके पिता विवाद सुलझाने पहुंचे तभी गांव के ही मुन्नी राम और उनके परिजनों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी और डंडों से दुखीराम पर बेरहमी से वार किए। इसी दौरान उनके सिर पर लाठी से जोरदार हमला किया गया जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
अस्पताल में तोड़ा दम
घटना के बाद परिजन आनन-फानन में स्थानीय सदर अस्पताल ले गए। वहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया। पटना में कई दिनों तक इलाज चला लेकिन शनिवार को दुखीराम ने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की कार्रवाई
दुखीराम पेशे से हलवाई थे और मेहनत-मजदूरी करके अपने सात बच्चों समेत पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अब उनके जाने से परिवार के सामने जीवन जीने का संकट खड़ा हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने कहा मारपीट में घायल व्यक्ति की मौत हो गई है। परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

