पटना नगर निगम के सफाई कर्मियों की आठ दिनों तक चली लंबी हड़ताल समाप्त हो चुकी है। हालांकि, हड़ताल टूटे हुए एक हफ्ता बीतने को है, फिर भी राजधानी के कई इलाकों में कचरा उठाव की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। लोग अब भी ऑनलाइन माध्यमों से अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

​सबसे ज्यादा पाटलिपुत्र अंचल से आईं शिकायतें

​नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, हड़ताल खत्म होने के बाद भी कचरा उठाने वाली गाड़ी समय पर न आने और जगह-जगह कूड़ा जमा होने की 88 शिकायतें सीधे तौर पर मिली हैं। इनमें से सबसे अधिक शिकायतें पाटलिपुत्र अंचल से दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट पर भी 163 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।

​बारिश बनी कचरा उठाव में मुख्य बाधा

​पटना नगर निगम के अनुसार, सफाई कर्मियों की यह हड़ताल 30 जुलाई से 6 अगस्त तक चली थी। इसके बाद 7 अगस्त से सभी कर्मी नियमित रूप से अपने काम पर लौट आए हैं।
​निगम अधिकारियों का कहना है कि बीच में हुई बारिश के कारण कचरा उठाव के कार्य में बाधा आई है, जिसके चलते कई इलाकों में गाड़ियां देरी से पहुंच रही हैं। निगम प्रशासन का मुख्य प्रयास यही है कि हड़ताल के दौरान जमा हुए कचरे के ढेरों को जल्द से जल्द साफ कर शहर की व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाया जाए।

​हड़ताल के दौरान और पहले दर्ज आंकड़े

  • ​हड़ताल के दौरान: आठ दिनों की हड़ताल अवधि में कुल 362 शिकायतें मिली थीं, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा गाड़ी न पहुंचने और नियमित सफाई न होने के मुद्दे प्रमुख थे।
  • ​इस साल के आंकड़े: 1 जनवरी से 29 जुलाई के बीच नगर निगम को कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था से जुड़ी कुल 4,310 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं।

​नगर निगम इन सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा करने का दावा कर रहा है और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।