​गया: शहर में दिव्यांग युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रादेशिक नियोजनालय द्वारा आगामी 26 मई (मंगलवार) को एक विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर उन दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है जो अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार की तलाश में हैं।

​शिविर का विवरण और समय

​यह विशेष रोजगार शिविर शहर के केंदुई स्थित नियोजनालय कार्यालय परिसर में आयोजित होगा। शिविर का समय सुबह 10:30 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। नियोजनालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस शिविर में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर दिव्यांग युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें काम के लिए अन्य शहरों का रुख न करना पड़े।

​रिक्तियों का विवरण और योग्यता

​इस शिविर में दो प्रमुख कंपनियों द्वारा नियुक्तियां की जाएंगी:

  • ​शिक्षक पद (फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी एकेडमी): इस संस्था द्वारा 20 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 45 वर्ष के बीच रखी गई है। चयनित शिक्षकों को 14,500 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा।
  • ​डिलीवरी पार्टनर (Zomato): जोमैटो कंपनी द्वारा डिलीवरी पार्टनर के 16 पदों पर बहाली की जाएगी। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। इस पद के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष है। सफल उम्मीदवारों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर 15,000 से 25,000 रुपये तक का मासिक वेतन दिया जाएगा। कार्यस्थल गयाजी ही होगा।

​ऑन-द-स्पॉट चयन की प्रक्रिया

​इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता ‘ऑन-द-स्पॉट’ चयन प्रक्रिया है। इच्छुक अभ्यर्थियों का साक्षात्कार (Interview) मौके पर ही लिया जाएगा। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है ताकि योग्य उम्मीदवारों को तत्काल नौकरी मिल सके।

​आवश्यक दस्तावेज

​अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे शिविर में पहुंचते समय अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज अवश्य रखें:

  • ​अपना बायोडाटा (Resume)
  • ​शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण-पत्र
  • ​दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (Disability Certificate) की छायाप्रति
  • ​नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
  • ​पहचान के लिए [सरकारी पहचान पत्र] की फोटोकॉपी]

​अधिकारियों के अनुसार, अक्सर जानकारी के अभाव में कई दिव्यांग युवा अवसरों से वंचित रह जाते हैं। यह शिविर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का एक सार्थक प्रयास है। अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं से इस शिविर में सम्मिलित होकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है।