करनाल। बिजली निगम के सस्पेंडेड एसई गीतूराम तंवर के सुसाइड के करीब 33 घंटे बाद आखिरकार अंतिम संस्कार कर दिया गया। एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव कुमार की ओर से मिले आश्वासन के बाद परिवार इसके लिए सहमत हुआ। बातचीत में तीन प्रमुख बातों पर सहमति बनी। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। रुके हुए सभी भत्ते जारी करने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही गीतूराम की पत्नी प्रीति की शिकायत के आधार पर संशोधित एफआईआर दर्ज की गई है।

तीन बिंदुओं पर बनी सहमति

परिवार को दिए गए आश्वासन के अनुसार, मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। इसमें आईपीएस रविंद्र, डीएसपी मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी संदीप कुमार को शामिल किया गया है।

दूसरी सहमति रुके हुए भत्तों को लेकर बनी। परिवार को सभी रुके हुए भत्ते रिलीज करने का आश्वासन दिया गया।

तीसरी सहमति गीतूराम की पत्नी प्रीति की शिकायत को लेकर हुई। उनकी शिकायत के आधार पर एफआईआर में संशोधन किया गया है।

नई एफआईआर में दो नाम हटे, चार नए जुड़े

बुधवार को मामले की दूसरी एफआईआर भी सामने आई। इसमें सुसाइड नोट में लिखे गए दो नाम एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ एफआईआर से बाहर हैं। वहीं चार नए नाम जोड़े गए हैं। इनमें नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचार मीडिया शामिल हैं।

इस बदलाव के बाद एफआईआर में कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सुसाइड नोट में लिखे थे 12 नाम

गीतूराम तंवर के सुसाइड नोट में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह का नाम लिखा था। इसके अलावा तीन एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्विनी कौशिक और राज सिंह के नाम थे।

सुसाइड नोट में चार एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल और रूपेश के नाम भी लिखे थे। तीन अधीक्षण अभियंता मनिंदर सिंह, धर्म सुहाग और अजय कोहर के अलावा अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर का नाम भी इसमें था।

पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन इनमें से किसी को नामजद नहीं किया गया था।

पत्नी की शिकायत पर 14 के खिलाफ केस

गीतूराम तंवर की पत्नी प्रीति ने 31 अगस्त को थाना सेक्टर-32/33, करनाल में शिकायत दी थी। सुसाइड नोट के साथ दी गई इस शिकायत को भी मामले में शामिल किया गया।

इसके आधार पर पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह, तीन एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्वनी कौशिक और राज सिंह शामिल हैं।

एफआईआर में एसई मनिंद्र सिंह और अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर के नाम भी हैं। सात एसडीओ के नाम में सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल के साथ नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़ और टोनू कोहाड़ शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा भाईचार मीडिया का नाम भी एफआईआर में जोड़ा गया है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 351(3) और अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धारा 3(1)(एस) लगाई गई हैं।

धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम एफआईआर से बाहर

नई एफआईआर में सुसाइड नोट में लिखे एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम शामिल नहीं हैं। गीतूराम की पत्नी प्रीति की शिकायत के अनुसार, पुलिस ने दोनों के नाम एफआईआर से हटा दिए हैं।

वहीं तीन एसडीओ नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़ और टोनू कोहाड़ के नाम जोड़े गए हैं। हरियाणा भाईचारा मीडिया को भी एफआईआर में शामिल किया गया है।

अब पुलिस सुसाइड नोट, पत्नी की शिकायत और एफआईआर में दर्ज नामों की भूमिका की अलग-अलग जांच करेगी।

नए नाम जोड़ने पर पत्नी ने क्या कहा

प्रीति तंवर ने अपनी शिकायत में नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचार मीडिया के नाम जोड़ने की वजह भी बताई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से गीतूराम को परेशान किया और धमकी दी। उन्हें जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप लगाया गया है।

प्रीति के अनुसार, गीतूराम उन्हें बार-बार बताते थे कि आरोपी उनसे कहते थे कि या तो वे खुद मर जाएं या उन्हें और उनके परिवार को मार दिया जाएगा।

अंतिम संस्कार को लेकर समाज में नाराजगी

परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के लिए सहमति की जानकारी घर पहुंचे समाज के नेताओं को दी गई। इसके बाद वहां नाराजगी और हंगामा भी हुआ।

एडवोकेट सोनिया तंवर, अमित तंवर समेत अन्य लोगों का कहना था कि गीतूराम को पहले न्याय मिलना चाहिए। इस दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि अगर परिवार पहले ही बता देता कि वह संस्कार के लिए तैयार है, तो पूरा समाज वहां नहीं आता।

एक व्यक्ति ने यह तक कहा कि अब हमें कभी मत बुलाना गीतू को न्याय दिलाने के लिए।

फिलहाल एसआईटी को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस सुसाइड नोट, पत्नी की शिकायत और नई एफआईआर में दर्ज नामों की भूमिका की जांच करेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m