अमृतसर। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी प्रकाश पर्व के मौके पर श्री हरिमंदिर साहिब में लाखों संगत नतमस्तक हुई। इस दौरान हाल ही में जबरन लंबी छुट्टी पर भेंजे गए श्री दरबार साहिब के पूर्व प्रमुख ग्रंथी और श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार गिआनी रघबीर सिंह भी माथा टेकने पहुंचे।
गुरुद्वारा पर संगत को संबोधित करते हुए गिआनी रघबीर सिंह ने कहा कि आज से ठीक 350 साल पहले हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने हिंदुओं और उनके मंदिरों को बचाने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी कुर्बानी इतिहास के पन्नों में कभी देखी नहीं गई है।
हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे 21 नवंबर को SGPC द्वारा जबरन लंबी छुट्टी पर भेंजे जाने के बारे में सवाल किया तो गिआनी रघबीर सिंह ने कोई टिप्पणी नहीं की और चुप रहे। ज्ञात रहे कि 21 नवंबर को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गिआनी रघबीर सिंह को ड्यूटी से हटा दिया था और उनकी जगह गिआनी अमरजीत सिंह को श्री दरबार साहिब का मुख्य ग्रंथी नियुक्त किया गया था।

पंजाब सरकार के फैसलों की सराहना
गिआनी रघबीर सिंह ने पंजाब सरकार द्वारा अमृतसर साहिब, आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को आध्यात्मिक शहर का दर्जा देने के फैसले की तारिफ की। उन्होंने कहा कि ये बहुत अच्छा फैसला है। इसे हकीकत में जमीन पर उतारा जाना चाहिए। अगर संगत आनंदपुर साहिब को नया जिला बनाना चाहती है तो सरकार को ऐसा करना चाहिए। इससे इलाके के विकास को भी बल मिलेगा।
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