गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद दिलचस्प और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। यहां आलोका नाम के एक खास डॉग से मिलने के लिए हजारों लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस कार्यक्रम में पहुंचे पशु प्रेमियों ने आलोका के साथ जमकर तस्वीरें खिंचवाईं। सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है,
जिसमें एक फैन इस डॉग के पास बैठकर हाथ जोड़े नजर आ रहा है। भारत आने से पहले आलोका ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका में वॉक फॉर पीस यानी शांति के लिए पैदल यात्रा में हिस्सा लिया था, जहां उसने करीब 3700 किलोमीटर की लंबी दूरी पैदल तय की। इस ऐतिहासिक यात्रा को पूरा करने के बाद ही आलोका भारत लौटा है।
कोलकाता की गलियों से शुरू हुआ था आलोका का सफर
कार्यक्रम में मौजूद बौद्ध भिक्षु पन्नकारा ने आलोका के बारे में एक बेहद हैरान करने वाली कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि आलोका पहले कोलकाता की सड़कों पर घूमने वाला एक आम बेसहारा डॉग था। एक बार जब बौद्ध भिक्षु वहां से अपनी शांति यात्रा निकाल रहे थे, तभी उनकी मुलाकात आलोका से हुई।
इसके बाद आलोका उनके साथ ही रहने लगा और धीरे-धीरे उसने भिक्षुओं के साथ मिलकर कई देशों की यात्राएं कर डालीं। दो दिन पहले ही दिल्ली में बौद्ध भिक्षुओं के साथ आलोका ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी से भी खास मुलाकात की थी।
गुरुग्राम के कार्यक्रम में लोगों को सिखाया दयाभाव
गुरुग्राम के मशहूर द वेस्टिन होटल में मंगलवार शाम करीब 4 बजे इस अनोखे डॉग से आम लोगों की मुलाकात का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिव्यम खेरा की तरफ से किया गया। दिव्यम ने बताया कि आलोका का सफर भारत की धरती से ही शुरू हुआ था।
अब लोगों के बीच दया का संदेश फैलाने के लिए इसे दोबारा भारत लाया गया है। भारत आने से पहले यह डॉग अमेरिका, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देशों में हजारों किलोमीटर की शांति यात्रा कर चुका है।
बौद्ध भिक्षु पन्नाकारा ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस आयोजन का असली मकसद समाज में बेसहारा जानवरों के प्रति लोगों के मन में दया और प्यार जगाना है। उन्होंने बेहद खूबसूरत बात कही कि असली शांति की शुरुआत हमेशा हमारे अपने दिलों से होती है।

