Business Desk- Gold Silver Price Today : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर जून कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने का वायदा भाव 0.51% गिरकर 157,737 प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इसी तरह, जुलाई कॉन्ट्रैक्ट के लिए चांदी का वायदा भाव 1.39% गिरकर 268,107 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया.

सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट से आम जनता को राहत मिली है. पिछले बंद भाव की तुलना में, सोना 713 और चांदी 3,119 सस्ता हुआ है. शुक्रवार पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन MCX पर सोने का भाव 158,450 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी 271,226 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी.
चेक करें भारत के प्रमुख शहरों में लेटेस्ट सोने का भाव
मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,56,920 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में यह 1,56,970 रुपए प्रति 10 ग्राम पर रहा.
दक्षिण भारत के प्रमुख शहर हैदराबाद और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,56,220 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई. वहीं कोलकाता में भी सोना इसी स्तर पर कारोबार करता नजर आया.
22 कैरेट सोने की बात करें तो नई दिल्ली में इसका भाव 1,43,990 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा. मुंबई में 22 कैरेट सोना 1,43,840 रुपए और भोपाल में 1,43,890 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया. चेन्नई में 22 कैरेट सोने का भाव सबसे ज्यादा 1,47,490 रुपए रहा.
18 कैरेट सोने की कीमत नई दिल्ली में 1,17,840 रुपए प्रति 10 ग्राम रही, जबकि मुंबई में यह 1,17,690 रुपए और भोपाल में 1,17,740 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई. चेन्नई में 18 कैरेट सोना 1,23,090 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जो अन्य शहरों की तुलना में अधिक है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में सोना महंगा बना हुआ है. निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने से भी सोने की मांग मजबूत बनी हुई है.
चांदी की दरें
पिछले हफ़्ते, चाँदी की कीमत 300,000 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई थी. हालांकि, उसके बाद इसमें काफ़ी गिरावट देखने को मिली. आज दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और भोपाल में एक किलोग्राम चांदी की कीमत 279,900 पर स्थिर रही. इसके अलावा, चेन्नई में चांदी की कीमत 289,900 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई.
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के कारण
घरेलू कमोडिटी बाजार में गिरावट देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक बाजार से मिल रहे कमजोर संकेत हैं. US ट्रेजरी यील्ड और US डॉलर में बढ़ोतरी के बाद, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कमोडिटी बाजारों में दबाव बना हुआ है.
मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. इससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके चलते ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं.

