कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का असर हुआ है। लाल टिपारा आदर्श गौशाला स्थित CBG प्लांट की बदहाल स्थिति और क्षमता से कम हो रहे उत्पादन की खबर दिखाये जाने के बाद बड़ा फैसला लिया गया है। डेढ़ साल में भी प्लांट को 100 फीसदी क्षमता तक नहीं पहुंचा पाने पर सवाल उठने के बाद अब नगर निगम ने इसके संचालन की जिम्मेदारी नई कंपनी को सौंप दी है। निगम का दावा है कि नई एजेंसी प्लांट के उत्पादन को बढ़ाकर इसे पूरी क्षमता से संचालित करेगी।
दरअसल, ग्वालियर का लाल टिपारा सीबीजी प्लांट 1800 किलो प्रतिदिन उत्पादन क्षमता रखता है, लेकिन गोबर और ग्रीन वेस्ट की कमी के कारण अब तक करीब 1200 किलो प्रतिदिन उत्पादन ही हो पा रहा है। लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से दिखाया था कि कच्चे माल की कमी और कमजोर मैनेजमेंट के चलते निगम को हर महीने करीब 22 लाख रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ऐसे में अब निगम ने गुरुग्राम की कंपनी CGF बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को करीब 3 करोड़ 29 लाख रुपये के कॉन्ट्रेक्ट पर प्लांट संचालन और प्रोडक्शन बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है। नगर निगम एडिशनल कमिश्नर टी प्रतीक राव के मुताबिक नई कंपनी को ऑर्डर जारी कर दिया गया है और प्लांट को 100 फीसदी क्षमता तक पहुंचाने के लिए प्रतिदिन लगभग 80 टन गोबर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई एजेंसी उत्पादन बढ़ाने के दावे को कितना सफल बना पाती है।

