अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। जिले के सिधवलिया प्रखंड अंतर्गत गंडक नदी के डुमरिया घाट पर हुए दर्दनाक नाव हादसे के चौथे दिन सोमवार को प्रशासन को एक और बड़ी सफलता मिली, लेकिन पीड़ित परिवार के लिए यह दिन भारी वज्रपात जैसा रहा। नदी से लापता एक और किशोरी का शव बरामद कर लिया गया है। मृतका की पहचान स्थानीय निवासी चंदन यादव की छोटी बेटी कृति कुमारी के रूप में हुई है।
जैसे ही एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से कृति का बेजान शरीर नदी से बाहर निकाला गया, घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। कृति की मां, दादी और दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हृदयविदारक घटना से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है।
एसडीएम अनिल कुमार ने बंधाया ढांढस
घटना की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को सदर एसडीएम अनिल कुमार खुद डुमरिया घाट पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर कैंप कर रही एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम से रेस्क्यू ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
एसडीएम ने मौके पर मौजूद
अधिकारियों और बचाव दल को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जब तक लापता सभी बच्चियों का पता नहीं चल जाता, तब तक यह खोज अभियान बिना रुके लगातार जारी रहेगा। इसके बाद एसडीएम ने मृत और लापता किशोरियों के पिता चंदन यादव से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित पिता को ढांढस बंधाया और हर संभव सरकारी सहायता व न्याय का भरोसा दिया।
रविवार को मिला था अनन्या का शव, रिया की खोज जारी
बता दें कि डुमरिया घाट पर हुए इस भीषण नाव हादसे में कुल तीन किशोरियां गंडक नदी की तेज धारा में डूब गई थीं। प्रशासन और बचाव दल की लगातार कोशिशों के बाद रविवार को सबसे पहले अनन्या का शव बरामद किया गया था। सोमवार को कृति का शव मिलने के बाद अब प्रशासन की पूरी ताकत तीसरी लापता किशोरी रिया को ढूंढने में लग गई है। गंडक नदी में रिया की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही हैं ये बड़ी चुनौतियां
सर्च ऑपरेशन में जुटी एसडीआरएफ की टीम ने बताया कि नदी के भीतर रेस्क्यू करने में गोताखोरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीम के अनुसार, हादसे वाली जगह के पास नदी में पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।
आशंका और चुनौतियां
आशंका जताई जा रही है कि शव नदी के भीतर निर्माणाधीन पाए के लोहे के निकले हुए रॉड में कहीं फंस गया है।नदी की तेज जलधारा के कारण शव के बालू के नीचे दब जाने की भी प्रबल आशंका है। इन्हीं वजहों से गोताखोरों को नदी के भीतर गहरे पानी में जाने और दृश्यता कम होने के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं, ताकि जल्द से जल्द आखिरी लापता किशोरी रिया को भी ढूंढा जा सके।

