रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने महाराजगंज के बछरावां रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने आयोजित बुद्ध जन्मोत्सव समारोह में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने अपने संबोधन में देश के ज्वलंत मुद्दों जैसे शिक्षा के गिरते स्तर, लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं, सरकारी कंपनियों के निजीकरण और बढ़ती बेरोजगारी पर गहरी चिंता व्यक्त की.
मौर्य ने विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार पर सरकार को घेरा. उन्होंने 47,764 स्कूलों के बंद होने और शिक्षकों से असंगत मांगों को लेकर भी सरकार की कड़ी आलोचना की, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. अपने संबोधन में स्वामी प्रसाद मौर्य ने उपस्थित जनता से भारतीय संविधान का सम्मान करने और समाज से जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा “मनुष्य एक है, जियो और जीने दो” की विचारधारा अपनाने की अपील की. उन्होंने जोर देकर कहा, “सनातन सूर्य और ऑक्सीजन की तरह समानता सभी को मिलनी चाहिए, जाति या पाति के भेद से कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.
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मौजूदा सरकार पर प्रहार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समाज में जातिगत और निजी भेदभाव का भ्रम फैलाकर लोगों को आपस में लड़वा रही है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने बढ़ती महंगाई, रसोई गैस के बढ़ते दाम और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने देश के आर्थिक संकट पर भी अपने विचार साझा किए और जनता को जागरूक होने का आह्वान किया ताकि वे अपने अधिकारों और देश की वास्तविक स्थिति को समझ सकें.

