शब्बीर अहमद, भोपाल। ऑपरेशन ‘हमदर्द’ के तहत जीआरपी भोपाल (रेलवे पुलिस) ने एक त्वरित और सराहनीय कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचाकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है। इसके साथ ही नाबालिग से भिक्षावृत्ति कराने के आरोप में पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
प्लेटफॉर्म चेकिंग के दौरान संदिग्ध अवस्था में मिली बालिका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल रेलवे स्टेशन पर नियमित चेकिंग के दौरान जीआरपी टीम को एक नाबालिग बालिका संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई मिली। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर बालिका ने अपना नाम नंदिनी और पिता का नाम शंकर बताया। उसने बताया कि वह पिपरिया (जिला नर्मदापुरम) की रहने वाली है और बिना बताए घर से निकल आई थी।
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चाइल्ड हेल्पलाइन को दी गई सूचना, पिता पर केस दर्ज
जीआरपी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बालिका को सुरक्षित थाने लाया और तुरंत ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ एवं ‘बाल कल्याण समिति’ (CWC) को सूचित किया। पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उसके पिता को भोपाल बुलाया। पहचान और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद बालिका को पिता के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि, जांच में बालिका से भिक्षावृत्ति (भीख मंगवाने) कराए जाने की बात सामने आने पर जीआरपी भोपाल ने पिता के खिलाफ धारा 76 जेजे एक्ट (Juvenile Justice Act) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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