अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। सावन के पवित्र महीने में रोहतास जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गुप्ता धाम में आयोजित होने वाले श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मेले को भव्य, सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से आज रोहतास के जिलाधिकारी (डीएम) दीपक कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) रौशन कुमार ने सासाराम के दुर्गावती जलाशय के समीप संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की।

​30 जुलाई से शुरू होगा महामेला

​बता दें कि इस वर्ष श्रावणी मेले की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है। गुप्ता धाम की भौगोलिक स्थिति अत्यंत दुर्गम है, जहां श्रद्धालु पहाड़ियों और घने जंगलों के रास्ते बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं। सावन के दौरान प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में कांवरियों और तीर्थ यात्रियों का आगमन होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है।

​प्रशासन की विशेष कार्ययोजना

​बैठक के दौरान डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने विभिन्न विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, पेयजल की सुचारू आपूर्ति, स्वच्छता, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को समय रहते पूरा करने को कहा है। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि श्रद्धालुओं को दुर्गम रास्तों पर किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन मुस्तैद है।

​यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

​पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने सुरक्षा पहलुओं पर जानकारी देते हुए बताया कि मेले के दौरान यातायात नियमों में सख्ती बरती जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चार पहिया वाहनों के मंदिर क्षेत्र में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर से एक किलोमीटर पहले ही एक अस्थाई पार्किंग स्थल का निर्माण किया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को पैदल ही गुफा तक की यात्रा तय करनी होगी। हालांकि, बाइक सवारों को मंदिर के समीप तक जाने की अनुमति दी गई है, ताकि आवागमन में अधिक समस्या न हो।
​गुप्ता धाम का यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान भी है। जिला प्रशासन की ओर से की जा रही ये अग्रिम तैयारियां श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें, तो आने वाले लाखों श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बाबा के दर्शन कर सकेंगे। फिलहाल, प्रशासन ने पूरे रूट पर सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक निगरानी की रूपरेखा तैयार कर ली है।