गुरुग्राम। हर साल मानसून में जलभराव से जूझने वाले गुरुग्रामवासियों के लिए इस बार राहत की खबर सामने आई है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने दावा किया है कि इस बार मानसून के दौरान गुरुग्राम में जलभराव की समस्या काफी हद तक देखने को नहीं मिलेगी, क्योंकि पिछले वर्ष चिन्हित सभी संवेदनशील स्थानों पर सुधारात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

राव नरबीर सिंह गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र के गांव मैदावास और धूमसपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनहित के कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि नियमों और मानकों के अनुरूप प्रस्ताव लाए जाएं, सरकार विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम तेजी से विकसित हो रहा शहर है और उसकी आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान जलभराव की समस्या वाले 158 स्थानों की पहचान की गई थी, जहां संबंधित विभागों ने विशेष अभियान चलाकर ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत की, नालों की सफाई कराई और अन्य आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए। इसी के चलते इस बार शहरवासियों को जलभराव से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राव नरबीर सिंह ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जरूरी बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा प्रतिदिन उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए लगभग 14 पेड़ों की आवश्यकता होती है। ऐसे में आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर नागरिक को पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।