गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में शराब के नशे में खाना न पकाने पर आरोपी पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने शराब के ओवरडोज से मौत की झूठी कहानी गढ़ी, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गुरुग्राम। बादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां नशे में धुत पति ने खाना बनाने से इनकार करने पर अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के पश्चात आरोपी ने पुलिस के समक्ष पत्नी की मृत्यु अत्यधिक मदिरापान के कारण होना बताया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दम घुटना सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस प्रवक्ता संदीप के मुताबिक, 16 जुलाई को बादशाहपुर सब्जी मंडी के निकट स्थित झुग्गियों में एक महिला का शव बरामद होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही बादशाहपुर थाने की पुलिस और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुली पोल
शुरुआती छानबीन के दौरान मृतका के पति 35 वर्षीय दिनेश ने दावा किया था कि उसकी पत्नी की मौत अत्यधिक शराब पीने की वजह से हुई है। पुलिस प्रारंभ में इसी आधार पर जांच कर रही थी, किंतु पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत होने की पुष्टि होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
इस बीच, 17 जुलाई को झुग्गी के मकान मालिक विकास ने थाने में दी शिकायत में बताया कि मृतका तलमई किसकू और उसका पति दिनेश पिछले एक माह से किराये पर रह रहे थे। दोनों दैनिक मजदूरी करते थे और अक्सर शराब पीकर आपस में झगड़ते थे। 14 जुलाई की रात भी दोनों के मध्य तीखी बहस हुई थी, जिसके दो दिन बाद महिला मृत पाई गई।
टिकली रोड से आरोपी गिरफ्तार
शिकायत और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। 19 जुलाई को पुलिस टीम ने टिकली रोड, बादशाहपुर से आरोपी दिनेश (मूल निवासी आलम नगर, जिला लखनऊ, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 14 जुलाई की रात शराब के नशे में घर लौटने पर उसने पत्नी से भोजन पकाने को कहा था। पत्नी द्वारा मना करने पर विवाद बढ़ा और उसने गुस्से में आकर पहले हाथों से तथा बाद में कपड़े का फंदा बनाकर उसका गला दबा दिया। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि वारदात में प्रयुक्त कपड़ा बरामद किया जा सके।


