हाँसी के चानौत गांव में पानी की किल्लत को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा केस दर्ज किए जाने के बावजूद ग्रामीण अपने हक की लड़ाई जारी रखने पर अड़े हैं।

हिसार। हांसी स्थित चानौत गांव में पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर चल रहा संघर्ष अब एक बड़े जनआंदोलन में तब्दील हो चुका है। अपनी मांगों को लेकर गांव की 51 महिलाएं आज अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से पीने के पानी की समस्या का समाधान न होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने कल से 101 पुरुषों के भी भूख हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया है। वे स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक गांव को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक वे किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।

पानी की मांग पर उग्र आंदोलन

आंदोलन को धार देने के लिए आगामी 5 जून को चानौत में तीसरी बार प्रदेश स्तरीय महापंचायत का आयोजन किया गया है। इसमें राज्य भर के किसान संगठनों, विभिन्न खाप प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, दूसरी ओर प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती दिखाते हुए 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि मुकदमों के जरिए आंदोलन को दबाने की प्रशासन की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उनका कहना है कि पानी उनका मौलिक अधिकार है और इसे हासिल करने के लिए वे किसी भी कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। यह संघर्ष अब शासन और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हाँसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 31 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने और कानून का सम्मान करने की अपील की है। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। दूसरी तरफ, ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े हैं और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर डटे हैं। इस जल महासंग्राम के कारण गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और स्थानीय प्रशासन पर जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।