हरियाणा के हांसी क्षेत्र के चानौत गांव में चल रहे जल संकट और धरने को लेकर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान केवल आपसी बातचीत और सकारात्मक संवाद से ही संभव है।
हांसी। जिले के अंतर्गत आने वाले चानौत गांव में पिछले कई दिनों से पानी की मांग को लेकर महासंग्राम छिड़ा हुआ है। इस संवेदनशील जल संकट और जारी विवाद के बीच राज्यसभा सांसद सुभाष बराला हांसी क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि इस पूरे विवाद का स्थायी समाधान केवल शांतिपूर्ण बातचीत और आपसी सहमति के जरिए ही निकाला जा सकता है। सांसद ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर की जाने वाली राजनीतिक बयानबाजी किसी समस्या का समाधान नहीं करती है, बल्कि यह विवाद को और अधिक उलझा देती है। उन्होंने सरकार, स्थानीय पंचायत और धरना कमेटी से मिलकर सकारात्मक रास्ता निकालने का आग्रह किया है।
सकारात्मक सोच से निकलेगा समाधान
हांसी में आयोजित मुख्यमंत्री के विकास कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में हिस्सा लेने पहुंचे सुभाष बराला ने धरना कमेटी के रुख पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और धरना कमेटी के प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की हुई बैठक के बाद समाधान की एक बड़ी उम्मीद जगी थी। उस समय धरना प्रदर्शन कर रही कमेटी के कई प्रमुख सदस्यों की तरफ से बेहद सकारात्मक और सहयोगात्मक बयान भी खुलकर सामने आए थे, लेकिन बाद में किन्हीं अज्ञात कारणों के चलते दोनों पक्षों में अंतिम सहमति नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि यदि सभी संबंधित पक्ष एक बार फिर सकारात्मक सोच के साथ आगे कदम बढ़ाएं तो इस जल विवाद को जल्द निपटाया जा सकता है।
आपसी विश्वास बनाना बेहद जरूरी
सांसद सुभाष बराला ने सभी पक्षों को एक मंच पर आने की सलाह देते हुए कहा कि सरकार, ग्राम पंचायत और धरना कमेटी के सदस्यों को बिना किसी देरी के एक साथ बैठना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनका खुद का भी यही प्रयास रहेगा कि सभी पक्षों के बीच एक बार फिर सकारात्मक और लोकतांत्रिक संवाद स्थापित हो सके ताकि इस गतिरोध को खत्म किया जा सके। इसके साथ ही धरना स्थल पर किसान नेताओं के बीच हुई हाथापाई की अप्रिय घटना पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसक घटनाएं समाज में बिल्कुल भी अच्छा संदेश नहीं देती हैं। समाज और क्षेत्र के व्यापक हित में आपसी विश्वास की बहाली सबसे ज्यादा जरूरी है।
कानून तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
टी-कनेक्शन लगाए जाने और बाद में उसे अचानक हटाए जाने के पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए राज्यसभा सांसद ने राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले पर जिस तरह की तीखी राजनीतिक बयानबाजी की गई, उसी वजह से यह पूरा जमीनी विवाद और ज्यादा गहरा होता चला गया। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है या सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है तो सरकार उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर आपसी सहमति बनाने की भावुक अपील की है।

