हरतालिका तीज पर गोंडा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सरयू घाट से प्रमुख शिव मंदिरों तक व्यापक पुलिस व्यवस्था की गई है. पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 16 पुलिस उपाधीक्षक और करीब 3000 पुलिसकर्मियों के साथ कई सुरक्षा दल तैनात किए गए हैं.
गोंडा. हरतालिका तीज पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सरयू घाट से प्रमुख शिव मंदिरों तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पर्व के दौरान छेड़खानी, चेन स्नेचिंग और अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं.
3000 पुलिसकर्मी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के लिए जनपदीय और गैरजनपदीय स्तर से पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 16 पुलिस उपाधीक्षक और 51 प्रभारी निरीक्षक, निरीक्षक व थानाध्यक्ष लगाए गए हैं. इनके अलावा करीब 3000 पुरुष और महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं.
पुलिस बल के साथ पीएसी, डायल-112 के वाहन, अग्निशमन दल, जल पुलिस, गोताखोर, डाग स्क्वाड, फील्ड यूनिट और स्वाट टीम को भी जिम्मेदारी दी गई है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन क्यूआरटी भी गठित की गई हैं.
घाटों पर विशेष निगरानी
सरयू घाटों पर जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की गई है. संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है.

श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए सरयू घाट के दोनों घाटों से 250 मीटर और मंदिरों से 250 मीटर की दूरी तक दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी गई है. जोनल और सेक्टर अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं.
सादे कपड़ों में एंटी रोमियो टीम
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चार एंटी रोमियो टीमों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया है. इन टीमों को छेड़खानी समेत अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है.
पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाई है. अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया सेल को फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और वाट्सएप समेत विभिन्न प्लेटफॉर्म पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए गए हैं.
कंट्रोल रूम से निगरानी
स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी सक्रिय किया गया है. आपात स्थिति में तत्काल सूचना और समन्वय के लिए सब कंट्रोल रूम बनाया गया है.



