कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों तक रासायनिक खाद की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कृषि मंत्री ने सभी कृषि विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खाद वितरण की व्यवस्था पर लगातार नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि जरूरतमंद किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और ऐसे समय में खाद की कमी उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए प्रशासन और कृषि विभाग की जिम्मेदारी है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।

श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में खाद वितरण को सुव्यवस्थित करने के लिए कुल उपलब्ध खाद का 60 प्रतिशत हिस्सा हैफेड के माध्यम से पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) को भेजा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि मंत्री ने खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व किसानों की जरूरतों का फायदा उठाकर खाद का कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश करते हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखी जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों, ताकि उनकी फसल प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर उत्पादन मिल सके।

मंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे नियमित रूप से खाद भंडारण, आपूर्ति और वितरण की समीक्षा करें तथा किसी भी क्षेत्र में कमी की सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने दोहराया कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच कृषि मंत्री का यह सख्त संदेश साफ संकेत देता है कि सरकार खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है और किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।