हरियाणा के गुरुग्राम और अंबाला जैसे शहरों से बिहार के पटना और गया समेत छह प्रमंडलों के लिए सीधी एसी बस सेवा शुरू होगी। इसके लिए दोनों राज्यों के बीच ऐतिहासिक परिवहन समझौता हुआ है।
चंडीगढ़। हरियाणा और बिहार के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने के लिए शुक्रवार को द्विपक्षीय बस परिचालन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के बाद हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों से बिहार के छह प्रमुख प्रमंडलों तक आधुनिक वातानुकूलित (एसी) बसों का नियमित संचालन किया जाएगा। समझौते पर हरियाणा सरकार की ओर से परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा सेखर वुनडरु और बिहार सरकार की ओर से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान हरियाणा के परिवहन आयुक्त अतुल द्विवेदी और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा भी मौजूद रहे।
इन शहरों के बीच चलेगी सीधी AC बस सेवा
समझौते के तहत हरियाणा के गुरुग्राम, अंबाला, सोनीपत, पानीपत समेत अन्य निर्धारित शहरों से बिहार के पटना, पूर्णिया, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर के लिए नियमित एसी बस सेवा शुरू की जाएगी। बसों का संचालन तय समय-सारिणी के अनुसार होगा, जिससे यात्रियों को समय पर और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
प्रवासी मजदूरों, छात्रों और व्यापारियों को बड़ी राहत
हरियाणा के औद्योगिक शहरों में बिहार के लाखों लोग रोजगार करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र, व्यापारी और अन्य यात्री भी दोनों राज्यों के बीच नियमित यात्रा करते हैं। नई बस सेवा शुरू होने से इन सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा तथा निजी बसों पर निर्भरता भी कम होगी।
सरकार ने क्या कहा?
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा सेखर वुनडरु ने कहा कि बिहार के साथ हुआ यह समझौता अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कम किराये पर गुणवत्तापूर्ण एसी बस सेवा उपलब्ध होगी और आम लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश के प्रमुख राज्यों से बेहतर बस सेवाओं के माध्यम से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।
व्यापार और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस नई बस सेवा से केवल यात्रियों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि हरियाणा और बिहार के बीच व्यापार, उद्योग, शिक्षा, निवेश और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा दोनों राज्यों के सामाजिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगी।

