सुमन चौहान, करनाल। सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के शाश्वत संदेश को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की दिशा में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। जापान में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (International Gita Mahotsav) में हिस्सा लेने के लिए हरियाणा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंच गया। टोक्यो के प्रतिष्ठित हनेडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Haneda International Airport) पर उतरते ही गीता मनीषी परम पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के नेतृत्व में पूरे प्रतिनिधिमंडल का वहां मौजूद लोगों ने बेहद आत्मीय और भव्य स्वागत किया।
प्रतिनिधिमंडल में करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता भी शामिल
इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक यात्रा पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में करनाल की महापौर (Mayor) रेणु बाला गुप्ता और भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हैं। यह सभी प्रतिनिधि जापान की धरती पर भारतीय संस्कृति, गीता के अनमोल दर्शन और मानवता के सार्वभौमिक मूल्यों का संदेश लेकर पहुंचे हैं। इस वैश्विक आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और विचारों को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखना है।
गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला: स्वामी ज्ञानानन्द
टोक्यो पहुंचने पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने की कला का सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। गीता का संदेश किसी देश, काल या सीमाओं में नहीं बंधा है, यह मनुष्य को उसके कर्तव्य, सेवा, समरसता और विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया शांति और आध्यात्मिक मूल्यों की तलाश में है और गीता इन सभी चिंताओं का सही समाधान प्रस्तुत करती है। जापान में आयोजित हो रहा यह महोत्सव भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।
टोक्यो और ओसाका में 24 जून तक गूंजेगा गीता का संदेश
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि जापान जैसे विकसित और तकनीकी रूप से सबसे आगे रहने वाले देश में गीता का संदेश पहुंचना हर भारतीय के लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है। गौरतलब है कि 19 से 24 जून तक जापान के टोक्यो और ओसाका शहरों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत कई बड़े कार्यक्रम होने जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के समन्वय से आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में गीता प्रवचन, आध्यात्मिक संवाद, भजन-कीर्तन और भारतीय दर्शन पर आधारित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जो भारतीय संस्कृति को एक नई वैश्विक पहचान देंगी।

