हरियाणा सरकार ने पानी बचाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए 'धान की सीधी बिजाई योजना' शुरू की है, जिसमें मशीन खरीद पर 40 हजार तक सब्सिडी मिलेगी।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। पानी की बचत, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए ‘धान की सीधी बिजाई योजना’ को महेंद्रगढ़ जिले को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में लागू कर दिया है। सरकार का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम खर्च में अधिक उत्पादन हासिल कर सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

योजना के तहत किसानों को धान की पारंपरिक रोपाई के बजाय सीधी बिजाई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह तकनीक न केवल पानी की बड़ी मात्रा बचाती है, बल्कि मजदूरी और अन्य कृषि लागत को भी कम करती है। इसके साथ ही फसल की बुवाई समय पर होने से उत्पादन क्षमता बढ़ने की भी संभावना रहती है।

कृषि विभाग के अनुसार, सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को मशीन खरीद पर विशेष अनुदान दे रही है। योजना के तहत सीधी बिजाई की मशीन खरीदने पर कीमत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपये (जो भी कम हो) की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि धान की सीधी बिजाई तकनीक भूजल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। हरियाणा में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार लंबे समय से ऐसी तकनीकों को बढ़ावा दे रही है, जिनसे पानी की खपत कम हो और किसानों को आर्थिक लाभ भी मिले।

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जल संरक्षण के राज्यव्यापी अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

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