मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में आयोजित नशा मुक्ति हरियाणा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से थानों को सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनाने का आह्वान किया।
करनाल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में आयोजित नशा मुक्ति हरियाणा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह और पुलिस बल को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस के कंधों पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी के साथ-साथ समाज के भविष्य की रक्षा का भी दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मधुबन की इस धरती पर राष्ट्र सेवा के संस्कार दिए जाते हैं। यहां ऐसे प्रहरी तैयार होते हैं जो समाज में विश्वास, सुरक्षा और न्याय की मशाल लेकर चलते हैं। आज का यह कार्यक्रम हरियाणा उदय के तहत नशा मुक्त हरियाणा के संकल्प को नई ऊर्जा देने का अभियान है।
जब कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आता है तब केवल एक व्यक्ति नहीं हारता बल्कि एक परिवार टूटता है। हमारी नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून की लड़ाई नहीं बल्कि संस्कारों की लड़ाई है। नशा मुक्त हरियाणा हमारे लिए सामाजिक जरूरत के साथ नैतिक और आध्यात्मिक दायित्व भी है।
जन भागीदारी सबसे बड़ी शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी अभियान हो या कोविड जैसी वैश्विक महामारी से लड़ाई, देश ने सिद्ध किया कि जन भागीदारी सबसे बड़ी शक्ति है। इसी जनशक्ति को नशा मुक्त हरियाणा के अभियान से भी जोड़ा गया। पूरे प्रदेश में मैराथन आयोजित हुई, राहगिरी कार्यक्रम हुए और साइक्लोथॉन निकाले गए। इनमें लाखों युवाओं ने भाग लेकर यह संदेश दिया कि हरियाणा का युवा नशे का नहीं राष्ट्र निर्माण का रास्ता चुनता है।
यहाँ उपस्थित पुलिस के कर्मठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ-साथ अपने क्षेत्र के सबसे बड़े सामाजिक लीडर भी हैं। प्रदेश के हर थाने को कानून व्यवस्था के साथ सामाजिक परिवर्तन का केंद्र भी बनाएं। कानून अपराध रोक सकता है लेकिन संवेदनशील पुलिस सही मायने में भटके हुए इंसान का जीवन बदल सकती है।
विकसित भारत का संकल्प
आप अपने क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय में नशा विरोधी संवाद की परंपरा प्रारंभ करें। समाज को यह विश्वास दिलाइए की पुलिस कानून तोड़ने पर गिरफ्तारी करने वाली संस्था नहीं बल्कि जीवन बचाने वाली संस्था भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का जो संकल्प देश के सामने रखा है उसमें सबसे बड़ी पूंजी हमारे युवा हैं। यदि युवा स्वस्थ होंगे, संस्कारी होंगे और नशा मुक्त होंगे तभी विकसित भारत और विकसित हरियाणा का सपना साकार होगा।

