कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: हरियाणा में गैंगस्टरों और आपराधिक गिरोहों की धमकियों को लेकर सरकार ने विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम आंकड़े सामने रखे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक अतारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 तक गैंगस्टर से धमकी मिलने के आधार पर प्रदेश में 396 लोगों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई। इन लोगों की सुरक्षा में कुल 691 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि गैंगस्टरों की धमकियों के बाद सुरक्षा मांगने वालों में व्यापारी वर्ग की संख्या सबसे ज्यादा रही। इससे प्रदेश में कारोबारियों के बीच आपराधिक गिरोहों को लेकर बने दबाव और सुरक्षा की जरूरत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सुरक्षा का ब्योरा सार्वजनिक करने से परहेज

विधानसभा में सरकार ने सुरक्षा प्राप्त लोगों की कुल संख्या और उनके लिए लगाए गए पुलिसकर्मियों का आंकड़ा तो साझा किया, लेकिन किसी व्यक्ति का नाम, सुरक्षा का स्तर या तैनाती से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं की। सरकार का रुख है कि सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ब्योरा सामने आने से अपराधियों को सुरक्षा घेरे की जानकारी मिल सकती है।

आंकड़ों ने बढ़ाई आपराधिक नेटवर्क पर कार्रवाई की उम्मीद

396 लोगों की सुरक्षा के लिए 691 पुलिसकर्मियों की तैनाती बताती है कि गैंगस्टर धमकियों से निपटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब सवाल सिर्फ धमकी मिलने के बाद सुरक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि धमकी देने वाले गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ पुलिस कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाती है। विधानसभा में सामने आए ये आंकड़े हरियाणा में गैंगस्टर नेटवर्क और उनसे जुड़े खतरे की गंभीरता को रेखांकित करते हैं।

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