कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की, जिसमें राज्य के विकास और भविष्य की शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान प्रथम महिला मित्रा घोष और निजी सचिव शंख चटर्जी भी मौजूद रहे।

राज्यपाल ने हरियाणा के समग्र विकास में केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने प्रदेश में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक प्रगति की जानकारी भी साझा की, जिससे राज्य की विकास यात्रा का व्यापक चित्र सामने रखा गया।

बैठक का एक अहम फोकस भविष्य की शिक्षा प्रणाली पर रहा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों को विश्वविद्यालय स्तर पर शामिल करने की योजना पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने बताया कि हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना चाहता है।

इस अवसर पर शंख चटर्जी ने प्रधानमंत्री को अपनी दो पुस्तकें—‘अद्वैत वेदांत: एक अनोखा दर्शन’ और ‘सामाजिक दृष्टिकोण में धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र’—भी भेंट कीं। ये पुस्तकें हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर सिंह कल्याण की उपस्थिति में विमोचित की गई थीं। यह मुलाकात राज्य और केंद्र के बीच समन्वय और विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।