Jharkhand JPSC-JSSC Student Protest: इस वक्त की बड़ी खबर झारखंड की राजधानी रांची से आई है। जेपीएससी-जेएसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर 16 दिन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की जीत हुई है। सूत्रों के मुताबिक तीसरे दौर की बातचीत के दौरान झारखंड के हेमंत सरकार (Hemant Government) ने 14वीं JPSC परीक्षा समेत 3 परीक्षाएं रद्द करेने की मांग मान ली है। साथ ही TDPL के वित्तीय लेनदेन की जांच ईडी (ED) से करवाने का भी भरोसा दिया है। य

इसके अलावा सरकार ने वादा किया है कि सीआइडी को जितने मामले दिए गए हैं, सभी की जांच 90 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएगी। दो और गुटों से बात होनी है। इसके बाद कोई निर्णय होगा। 

छात्रों की मांग को स्वीकार करते हुए फिलहाल सरकार ने फिलहाल तीन परीक्षाएं JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं प्रीलिम्स की परीक्षा रद्द करने की सहमति दी। जबकि परीक्षा धांधली मामले में वित्तीय लेन-देन की जांच सरकार ED से कराने को तैयार हो गई है। क्योंकि TDPL के आर्थिक अपराधों के प्रमाण मिले हैं।

बता दें कि दो दौर की बातचीत असफल होने के बाद 9 अगस्त को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत हो रही है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत अभी भी हो रही है। बातचीच के दौरान छात्रों ने अपनी मांग सरकार के प्रतिनिधिमंडल के सामने रखा। सरकार की तरफ से 4 मंत्री बैठक में शामिल हुए हैं। बातचीत में छात्रों की तरफ से विभिन्न मंच प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए हैं। जेपीएससी/जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से बातचीत में शामिल प्रतिनिधिमंडल में चंदन कुमार, दीनबंधु मंडल, इकबाल हुसैन, रवि शंकर, प्रेम कुमार और रामा अवतार महतो शामिल हैं।

JPSC-JSSC न्याय मंच प्रतिनिधिमंडल

1. चंदन कुमार छात्र नेता सह शोधार्थी
2 . दीनबंधु मंडल
3. इकबाल हुसैन
4. रवि शंकर
5. प्रेम कुमार
6. रामा अवतार महतो

सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों से यही ये बात

वहीं आदिवासी महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने छात्रों के प्रदर्शन पर भी अपनी बात कही। झारखंड सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा-आज, जैसे-जैसे यह सरकार मज़बूत हो रही है, कई लोग ऐसे हैं जो इसे मान नहीं पा रहे हैं। वे अपना चेहरा छिपाने, अपना भेष बदलने, या पर्दे के पीछे से गलत जानकारी फैलाने और दूसरों को गुमराह करने का सहारा ले रहे हैं। हर मसले का हल बातचीत में है, लाठी या गोली के इस्तेमाल में नहीं। लाठी और गोली बॉर्डर के लिए हैं, दुश्मनों से निपटने के लिए, देश के दुश्मनों से निपटने के लिए। अपने ही लोगों के खिलाफ, अपने ही घर में ताकत का इस्तेमाल करने से कुछ हल नहीं होता… आपकी (युवाओं की) भावनाएं और आपकी चिंताएं हमारी चिंताएं हैं। आज इस संवैधानिक पद पर बैठकर, मैं आपको पूरा भरोसा दिलाता हूं कि न्याय पारदर्शिता के साथ दिया जाएगा, और हम यह पक्का करेंगे कि यह न्याय साफ दिखे।”

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