Former JPSC Chairman L Khiangte: जेपीएससी-जेएसएससी (Jharkhand JPSC-JSSC Student Protest) समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर झारखंड में बवाल मचा हुआ है। राजधानी रांची में पिछले 16 दिन से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन और हेमंत सोरेन सरकार से बातचीत के बीच बड़ी खबर आई है। रिश्वतखोरी में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व चेयरमैन एल खियांगते बुरी तरह फंस गए हैं। जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी देने के बदले JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांगते ने 2 करोड़ की रिश्वत ली थी। जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी जिस मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी टीडीपीएल (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने ये कबूलनामा किया है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी को अब तक की छानबीन में कई अहम जानकारियां मिली है। जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी जिस मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को दी गई थी उसमें रिश्वत और कमीशन का बड़ा खेल हुआ था।
टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने सीआइडी के सामने बयान दिया है कि टीडीपीएल को ठेका दिलाने के एवज में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव सेवानिवृत आइएएस अधिकारी एल. खियांगते ने दो करोड़ रुपये में सौदा किया था। एजेंसी को सभी भुगतान के एवज में 20 प्रतिशत का कमीशन भी देना होता था। बता दें कि जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीआईडी ने 22 जुलाई को टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी को गोड्डा से गिरफ्तार किया था। वह गोड्डा के पोड़ैयाहाट प्रखंड के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में कार्यरत था।
घोटाले का सूत्रधार है मुख्य सचिव का कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार
सीआईडी ने पिछले दिनों मुख्य सचिव के आवासीय कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी अभय तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान के बाद हुई थी। अभय तिवारी के अनुसार धर्मेंद्र कुमार ने उससे कहा था कि वह टीडीपीएल को जेपीएससी में ओटीआर, ओएमआर, एडमिट कार्ड तैयार करने, उपस्थिति पंजी तैयार करने वा प्रिंटिंग का काम दिला देगा।इसके लिए उसने 20 से 25 लाख रुपये का कमीशन मांगा। धर्मेंद्र ने टीडीपीएल के कुछ अभ्यर्थियों को भी जेपीएससी परीक्षा पास कराने का आश्वासन दिया था।
जून 2025 में टीडीपीएल को मिला था परीक्षा संचालन का ठेका
जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष से मुलाकात के बाद जून 2025 में टीडीपीएल को जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने का ठेका मिला था। 27 फरवरी 2026 14वीं सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए पंजीयन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 9 मार्च कर दी गई थी।इसमें कुल 103 पद पर भर्ती निकला था। 8 अप्रैल 2026 को प्रारंभिक परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी हुआ। 19 अप्रैल 2026 को 14वीं सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा हुई थी। दो जुलाई को परीक्षाफल का प्रकाशन हुआ था जिसमें कुल 2,204 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए उत्तीर्ण घोषित हुए थे। मुख्य परीक्षा की तारीख 18 से 20 जुलाई तय की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आते ही विवाद शुरू हो गया था।
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