शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी भोपाल के सुखीसेवनिया क्षेत्र से खाकी को बदनाम करने का मामला आया है। यहां एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा अपनी वर्दी का धौंस दिखाकर एक गरीब किसान की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने और उसे धमकाने का आरोप लगा है। पीड़ित किसान ने इस मामले की लिखित शिकायत सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) से की है।
कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी कब्जा करने पहुंची
मिली जानकारी के अनुसार, सुखीसेवनिया क्षेत्र के रहने वाले किसान सुरेंद्र मीना का एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला फिलहाल एसडीएम (SDM) कोर्ट और भोपाल न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद, महिला पुलिसकर्मी विपदा राय कानून को ताक पर रखकर जबरन जमीन पर कब्जा करने पहुंच गईं। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी ने किसान सुरेंद्र मीना के खेत की बाउंड्री पर लगी फेंसिंग (तार फेंसिंग) को कटर से काट दिया और जमीन पर जबरन मार्बल के टुकड़े लगाकर अपनी हदबंदी करने की कोशिश की।
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दिखा रहीं वर्दी का रौब
हैरानी की बात यह है कि विवादित जमीन पर महिला पुलिसकर्मी विपदा राय का स्वयं का कोई मालिकाना हक नहीं है। बताया जा रहा है कि यह जमीन उनके किसी रिश्तेदार की है, जिसका किसान से विवाद चल रहा है। लेकिन अपने रिश्तेदार को फायदा पहुंचाने के लिए विपदा राय अपनी शासकीय हैसियत और वर्दी का दुरुपयोग कर रही हैं। पीड़ित किसान का आरोप है कि इससे पहले भी उक्त महिला पुलिसकर्मी फोन पर उसके साथ बेहद अभद्र भाषा में गाली-गलौज कर चुकी है।
डायल 112 से भी नहीं मिली मदद
किसान सुरेंद्र मीना ने अपनी शिकायत में बताया कि विरोध करने पर महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें अपने पद का रौब दिखाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने और किसी झूठे पुलिस केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी है। घटना के वक्त पीड़ित किसान ने तुरंत मदद के लिए डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी। लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंची सुखीसेवनिया पुलिस ने पीड़ित किसान की कोई मदद नहीं की और मूकदर्शक बनी रही। फिलहाल, पीड़ित किसान ने डीजीपी से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के किसानों में स्थानीय पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।
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