गृह मंत्रालय ने अमृतसर से दिल्ली आए तीन इतालवी यात्रियों के बिना इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए उड़ान भरने पर एयर इंडिया की बड़ी लापरवाही को मानते हुए, इस मामले में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है. नागर विमानन मंत्रालय ने इमिग्रेशन प्रोसेस में चूक के मामले में एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. एयर इंडिया की तरफ से इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं आई है.
बैठक में गृह, नागरिक उड्डयन, इमिग्रेशन, एयरपोर्ट और एयर इंडिया के अधिकारी शामिल होंगे. मामले में एयरपोर्ट व्यवस्था और प्रक्रिया की समीक्षा होगी.
दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन के दौरान चूक मामले में केंद्रीय गृह मंत्री ने आज, मंगलवार शाम को गृह और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों जरूरी मीटिंग के लिए बुलाया है. इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) के कमिश्नर, एयर इंडिया ग्रुप के प्रमुख और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ शामिल होंगे.
जानकारी के मुताबिक, इस इमरजेंसी मीटिंग का मुख्य कारण यह है कि इटली के तीनों यात्री 4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे और इसके बाद दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट में बिना इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा किए उड़ान में सवार हो गए.
नागर विमानन मंत्रालय ने कथित प्रक्रियागत चूक पर एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन से स्पष्टीकरण मांगा है. हालांकि, एयर इंडिया की तरफ से इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं आई है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये तीनों विदेशी नागरिक दिल्ली एयरपोर्ट से बिना किसी जांच के उड़ कैसे गए?
जानकारी के मुताबिक, तीनों यात्री रात करीब 12:50 बजे अमृतसर से एअर इंडिया की फ्लाइट AI-1115 से दिल्ली पहुंचे थे. 1 बजकर 45 मिनट पर वे लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार होकर म्यूनिख चले गए.
इस पूरे मामले में गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे. वे ‘डैमेज कंट्रोल’ की समीक्षा खुद करेंगे. दरअसल, यह बैठक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) द्वारा 12 सितंबर को एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद हो रही है.
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