साउथ दिल्ली के सैनिक फार्म इलाके से हनी ट्रैप, लूट और अपहरण से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में सेना के एक जवान समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला हनी ट्रैप के जरिए लोगों को फंसाने, फिर उनसे लूटपाट और कथित रूप से अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देने से जुड़ा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले टारगेट को जाल में फंसाते थे और फिर उसे बंधक बनाकर पैसे और अन्य सामान की मांग करते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल एक सेना का जवान पहले प्रतिष्ठित अशोक चक्र से सम्मानित रह चुका है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई हैं।

आरोप है कि गिरोह ने एक 72 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट को प्रेमजाल में फंसाकर गंभीर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बुजुर्ग सीए को पहले हनी ट्रैप के जरिए फंसाया, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और उनसे लूटपाट की गई। इसके बाद कथित तौर पर उनसे फिरौती की मांग करते हुए उनका अपहरण भी कर लिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़ित को उनकी ही कार में अगवा किया और उन्हें दिल्ली से बाहर ले जाकर हरियाणा में छोड़ दिया।

आरोपी सुरेंद्र सेना का जवान

पुलिस ने आरोपियों की पहचान हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सुरेंद्र (31), दिल्ली के कालकाजी निवासी कल्पना कुमारी (40), फतेहाबाद के कुलदीप और सुशील के रूप में की है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सुरेंद्र सेना का जवान है, जिसे वर्ष 2022 में अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र 2021 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनाती के दौरान आतंकियों की गोली लगने से घायल हुआ था। फिलहाल उसकी पोस्टिंग मथुरा में थी, लेकिन वह ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं कर रहा था।

पीड़ित को जानने वाली महिला बनी साजिश का हिस्सा

जांच में सामने आया है कि 72 वर्षीय पीड़ित चार्टर्ड अकाउंटेंट और कल्पना कुमारी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पुलिस के मुताबिक, 2 मई की शाम कल्पना सैनिक फार्म स्थित बुजुर्ग के घर पहुंची, जिसके बाद उसके साथी भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर बुजुर्ग को बंधक बना लिया। उन्हें टेप से बांधा गया और उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घर में रखी नकदी, गहने और जरूरी दस्तावेज लूट लिए। इसके बाद पीड़ित को उनकी ही कार में अगवा कर लिया गया और बाद में उन्हें हरियाणा तक ले जाकर छोड़ दिया गया।

50 लाख रुपये की फिरौती मांगी

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित 72 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट के घर से बड़ी मात्रा में नकदी और जेवरात लूटे। इसमें करीब 5 लाख रुपये नकद, दराज में रखे 8 से 10 हजार रुपये, नकदी से भरा पर्स, सोने की तीन अंगूठियां, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। लूटपाट के बाद आरोपियों ने बुजुर्ग को उनकी ही कार में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया और उन्हें मेरठ की ओर ले गए। इस दौरान पीड़ित पर लगातार दबाव बनाया गया। रास्ते में आरोपियों ने पीड़ित से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और उन्हें अपने परिचित से 15 लाख रुपये मंगवाने के लिए मजबूर करने की कोशिश भी की। हालांकि, जब पीड़ित इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं कर सके, तो आरोपियों ने उन्हें छोड़ने का फैसला किया। आरोपियों ने पीड़ित को हरियाणा के फिरोजपुर झिरका इलाके में दिल्ली-मुंबई हाईवे के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। किसी तरह पीड़ित पास के एक ढाबे तक पहुंचे, जहां से उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

36 घंटे के भीतर आरोपी अरेस्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए नेब सराय थाना पुलिस ने अपहरण, लूट, मारपीट और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय पूछताछ के आधार पर करीब 36 घंटे के भीतर दो आरोपियों कल्पना और सुरेंद्र को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चार लाख रुपये नकद और पीड़ित का पर्स बरामद हुआ। इसके बाद फतेहाबाद में छापेमारी कर दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने इस मामले में लूटी गई नकदी, सोने के गहने, जरूरी दस्तावेज, पीड़ित की कार और अपराध में इस्तेमाल की गई एयरगन भी बरामद की है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कल्पना और सुरेंद्र दोनों पहले से तलाकशुदा थे। उनकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में नवंबर 2025 में दोनों ने एक मंदिर में विवाह भी कर लिया था।

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