Rajasthan News: राजस्थान के कोटा से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बोरखेड़ा थाना इलाके के ऐतिहासिक चंद्रेसल गांव के मठ में महंत देवानंद महाराज की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। आधी रात को अज्ञात हमलावर मठ के अंदर घुसे और सोते हुए महंत पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर के संत समाज ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है।

पहले पुजारी को किया लॉक, फिर मारा चाकू

वारदात को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। आधी रात को जब चारों तरफ सन्नाटा था, तब कातिल दबे पांव मठ के भीतर दाखिल हुए। महंत देवानंद महाराज अपने कमरे में आराम कर रहे थे।

हमलावरों ने महाराज जी के कमरे में जाने से पहले वहां रह रहे दूसरे पुजारी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि चीख-पुकार सुनकर कोई मदद के लिए बाहर न आ सके। इसके बाद कातिल सीधे महंत के पास पहुंचे और उन पर चाकुओं से हमला कर दिया।

करोड़ों की जमीन और ट्रस्ट पर टिकी जांच की सुई

इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे आखिर क्या वजह है, पुलिस इसकी बारीकी से जांच कर रही है। कोटा के एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि महाराज जी के नाम पर एक बड़ा ट्रस्ट है। इस ट्रस्ट के पास करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन है।

पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला प्रॉपर्टी विवाद या किसी बाहरी भू-माफिया से जुड़ा हो सकता है। पुलिस हर एंगल को खंगाल रही है।

क्या मठ के अंदर चल रही थी कोई अंदरूनी लड़ाई?

पुलिस सिर्फ जमीन के विवाद तक ही सीमित नहीं है। जांच टीम इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं मठ के अंदर पदों को लेकर कोई आपसी कलह तो नहीं चल रही थी।

इसके अलावा एक एंगल चोरी या डकैती का भी है। मुमकिन है कि बदमाश चोरी के इरादे से घुसे हों और महाराज जी के जाग जाने पर उन्होंने हमला कर दिया हो। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच के लिए स्पेशल टीमों का गठन कर दिया है। महाराज जी के पुराने परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।

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