Lifestyle Desk – आजकल स्ट्रॉ का इस्तेमाल सिर्फ रेस्तरां या कैफे तक सीमित नहीं रह गया है. घरों, ऑफिसों और यात्रा के दौरान भी लोग पानी, जूस, शेक या कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए स्ट्रॉ का इस्तेमाल करते हैं. कई लोगों को यह तरीका सुविधाजनक लगता है, जबकि कुछ लोग इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या स्ट्रॉ से पेय पदार्थ पीना वास्तव में फायदेमंद है या इससे बचना चाहिए? आइए जानते हैं इससे बातें में विस्तार से.

स्ट्रॉ से पीने के फायदे

दांतों को कुछ हद तक सुरक्षा

जब आप स्ट्रॉ की मदद से कोई पेय पदार्थ पीते हैं, तो उसका सीधा संपर्क दांतों से कम होता है. खासतौर पर मीठे, अम्लीय या रंग वाले पेय पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक, फ्रूट जूस या कॉफी का प्रभाव दांतों पर अपेक्षाकृत कम पड़ सकता है. इससे दांतों में दाग लगने और इनेमल को नुकसान पहुंचने का जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है.

सर्जरी या स्वास्थ्य समस्याओं में सहायक

मुंह, दांत या जबड़े की किसी सर्जरी के बाद कई लोगों को सीधे गिलास से पीने में परेशानी होती है. ऐसे मामलों में स्ट्रॉ का उपयोग पेय पदार्थों को आसानी से पीने में मदद कर सकता है. हालांकि कुछ विशेष सर्जरी के बाद डॉक्टर स्ट्रॉ का उपयोग न करने की सलाह भी दे सकते हैं, इसलिए विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है.

सुविधा और स्वच्छता

चलते-फिरते, वाहन में सफर करते समय या ऑफिस में काम करते हुए स्ट्रॉ से पीना अधिक सुविधाजनक माना जाता है. ढक्कन वाले कप के साथ स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने से पेय पदार्थ गिरने की संभावना भी कम हो जाती है.

स्ट्रॉ से पीने के नुकसान

पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या

जब कोई व्यक्ति स्ट्रॉ से पेय पदार्थ पीता है, तो कई बार तरल के साथ अतिरिक्त हवा भी शरीर के अंदर चली जाती है. इससे पेट फूलना, गैस बनना या असहज महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी रहती है, उन्हें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

झुर्रियों का बढ़ सकता है खतरा

बार-बार होंठों को सिकोड़कर स्ट्रॉ से पीने की आदत चेहरे की मांसपेशियों पर प्रभाव डाल सकती है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ऐसा करने से होंठों के आसपास महीन रेखाएं और झुर्रियां विकसित होने की संभावना बढ़ सकती है.

मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन

कई बार स्ट्रॉ के जरिए लोग बिना महसूस किए अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक या मीठे पेय पदार्थ पी लेते हैं. इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और शुगर पहुंच सकती है, जो वजन बढ़ने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है.

इन बातों का रखें ध्यान

  1. प्लास्टिक स्ट्रॉ की जगह स्टील, सिलिकॉन या पेपर स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें.
  2. स्ट्रॉ को नियमित रूप से साफ करें, खासकर यदि वह दोबारा इस्तेमाल होने वाला हो.
  3. बहुत ज्यादा गर्म पेय पदार्थ स्ट्रॉ से पीने से बचें.
  4. गैस, ब्लोटिंग या पाचन संबंधी समस्या होने पर स्ट्रॉ का इस्तेमाल सीमित करें.
  5. बच्चों को स्ट्रॉ का इस्तेमाल करते समय निगरानी में रखें.