० आधुनिक चिकित्सा जगत की मजबूत नींव को थामे हुए है चिकित्साकों का अनुभव : डा. नरेश गर्ग


अजय सैनी, भिवानी।राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भिवानी ने एक समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भिवानी के उन वरिष्ठ चिकित्सकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पिछले कई दशकों से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को अपने खून-पसीने से सींचा है। इस वर्ष आईएमए भिवानी ने एक अनूठी पहल करते हुए वर्ष 1976 से 1985 के बीच एमबीबीएस में दाखिला लेने वाले अपने 30 जांबाज और अनुभवी सदस्य डॉक्टरों को विशेष रूप से सम्मानित किया।


समारोह के दौरान चिकित्सा जगत के इन स्तंभों को पारंपरिक और सम्मानजनक प्रतीक अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि गत वर्ष भी आईएमए भिवानी ने 1975 से पहले के बैच के अति-वरिष्ठ चिकित्सकों की उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाओं को सराहा था। इस साल के आयोजन में उन सभी अति-वरिष्ठ डॉक्टरों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनका संगठन द्वारा एक बार फिर अभिनंदन किया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए डॉक्टरों के परिवारजन भी विशेष रूप से आमंत्रित थे, जिससे पूरा माहौल एक बड़े और आत्मीय आईएमए परिवार में तब्दील हो गया।


इस अवसर पर आईएमए भिवानी के प्रधान डॉ. नरेश कुमार गर्ग ने कहा कि यह हमारे पूरे भिवानी शहर के लिए अत्यंत गर्व और सौभाग्य की बात है कि हमारे पास इतने अनुभवी, कुशल और समर्पित वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में इनका मार्गदर्शन हमारी सबसे बड़ी ताकत है। पेट्रन एवं पूर्व राज्य अध्यक्ष डॉ. करण पूनिया ने कहा कि इन अनुभवी चिकित्सकों की उपस्थिति किसी भी शहर के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक अनमोल धरोहर के समान होती है। उनकी विशेषज्ञता और समृद्ध अनुभव ही आज की आधुनिक चिकित्सा जगत की मजबूत नींव को थामे हुए हैं। आईएमए सचिव डॉ. राज महता ने कहा कि डॉक्टरों का सेवाभाव अतुलनीय है। ऐसे गरिमापूर्ण आयोजन आईएमए जैसे संगठनों को और अधिक एकजुट, संवेदनशील और मजबूत बनाते हैं। यह कार्यक्रम निश्चित रूप से भिवानी के चिकित्सा समुदाय में आपसी प्रेम, आदर और भाईचारे की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करेगा।


वही सम्मान पाने वाले वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी इस भावुक क्षण पर आईएमए परिवार का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी पेशेवर व्यक्ति के लिए उसके अपने कार्यक्षेत्र और साथियों द्वारा सम्मानित किया जाना दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। वरिष्ठ डॉक्टरों का यह सम्मान हमारे दशकों के कठिन परिश्रम, धैर्य और मानवीय सेवा की सच्ची और सबसे खूबसूरत सराहना है।


समारोह का एक पहलू बेहद भावुक और यादगार रहा, जब उन विशिष्ट डॉक्टरों को अत्यंत श्रद्धापूर्वक याद किया गया, जो आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनका योगदान हमेशा जीवित रहेगा। इसके बाद, उत्सव के इस माहौल में आईएमए के सदस्यों ने एक से बढक़र एक चुनिंदा सुरीले और सदाबहार गीत प्रस्तुत किए, जिसने समारोह में मौजूद सभी डॉक्टरों और उनके परिवारों को मंत्रमुग्ध कर दिया।