रोहित कश्यप, मुंगेली। नगर पंचायत जरहागांव में करंट लगने से गोविंद साहू की मौत और इलाज के दौरान अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। जांच में जहां भी लापरवाही सामने आएगी, वहां संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने घटना के समय जरहागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस तरह की लापरवाही न केवल एक व्यक्ति के जीवन पर भारी पड़ती है, बल्कि आम जनता के विश्वास और शासन की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

कलेक्टर ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) और संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।


जरहागांव अस्पताल में तत्काल डॉक्टर की होगी पदस्थापना
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जरहागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल चिकित्सक की पदस्थापना की जाए। इसके अलावा जिले के सभी शासकीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने तथा स्वास्थ्य संस्थानों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
lalluram.com ने प्रमुखता से उठाया था मामला
गौरतलब है कि नगर पंचायत जरहागांव में करंट लगने से गोविंद साहू की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। आरोप था कि घायल को अस्पताल ले जाने पर वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिससे समय पर उपचार नहीं मिल सका। घटना से आक्रोशित लोगों ने आधी रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस प्रदर्शन में भाजपा नेता एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि वेदप्रकाश कश्यप भी सड़क पर उतरे थे, जिनके नेतृत्व में यह पूरा प्रदर्शन हुआ। मामले को lalluram.com ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आया है। कलेक्टर की आपात बैठक, जांच के आदेश, सीएमएचओ, बीएमओ और संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी करने के निर्देश तथा अस्पताल में तत्काल डॉक्टर की पदस्थापना का फैसला इस पूरे मामले में प्रशासन की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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