Business Desk – India-US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने-अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द एक व्यापक व्यापार समझौता तैयार करें.

विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को जानकारी दी कि G7 समिट के दौरान दोनों नेताओं की करीब 16 महीने बाद यह अहम मुलाकात हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई.
तनाव कम करने और साझेदारी बढ़ाने पर जोर
इस उच्च स्तरीय बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच हाल के समय में बने तनाव को कम करना और सहयोग को नए स्तर पर ले जाना बताया गया है. दोनों नेताओं ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि व्यापार, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस रूपरेखा तैयार की जाए, ताकि दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को मजबूती मिल सके.
रक्षा और व्यापार सहयोग पर “COMPACT” की समीक्षा
बैठक के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट (COMPACT) के तहत चल रहे कार्यों की सराहना की. इस पहल की शुरुआत फरवरी 2025 में वाशिंगटन में हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग, व्यापारिक साझेदारी और तकनीकी क्षेत्र में संयुक्त विकास को बढ़ावा देना है. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इस सहयोग को और गहरा किया जाएगा, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके.
समुद्री सुरक्षा और भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत का मुद्दा
इस बैठक में समुद्री सुरक्षा और हाल की दुखद घटनाओं पर भी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने और युद्ध रोकने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना की.
यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि हाल ही में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक व्यापारिक जहाज पर सवार तीन भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी, जिससे भारत में चिंता और नाराजगी का माहौल बना था. पीएम मोदी ने इस दौरान समुद्री मार्गों पर सुरक्षित व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही.
पिछले तनाव के बाद रिश्तों में सुधार की कोशिश
पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में कुछ खटास देखने को मिली थी. इसकी एक वजह अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ बताए जाते हैं.
इसके अलावा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे ने भी विवाद खड़ा किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच युद्ध रुकवाया और लाखों जानें बचाईं. भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि संघर्ष का समाधान द्विपक्षीय बातचीत से हुआ था.
इसके साथ ही अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति और H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी ने भी दोनों देशों के रिश्तों में असंतोष पैदा किया था. हालांकि अब दोनों पक्ष इन मुद्दों को पीछे छोड़कर रिश्तों को फिर से मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं.

