० डीआरएम ने जींद जंक्शन और हाइड्रोजन प्लांट का किया निरीक्षण, आरडीएसओ की मंजूरी के बाद शुरू होगा नियमित संचालन
संजय कुमार,जींद | देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। हरियाणा के जींद जंक्शन पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेश त्रिपाठी ने जींद जंक्शन और हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि ट्रेन का ट्रायल अब एडवांस स्टेज में है और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले 10 से 12 दिनों में ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
डीआरएम ने बताया कि सोनीपत-जींद रेलखंड पर दूसरा ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जबकि अन्य सेक्शनों पर भी तकनीकी परीक्षण जारी हैं। सभी परीक्षण पूरे होने और आरडीएसओ (Research Designs and Standards Organisation) से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल उद्घाटन की तारीख तय नहीं की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेन के उद्घाटन का निर्णय राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, जबकि रेलवे का लक्ष्य परियोजना को तय समय में पूरा कर यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल रेल सेवा उपलब्ध कराना है।

हाइड्रोजन प्लांट की तैयारियों पर संतोष
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर और हाइड्रोजन प्लांट की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि परियोजना का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ किया गया है और फिलहाल कोई बड़ी तकनीकी कमी सामने नहीं आई है।
पर्यावरण के लिए बनेगी नई मिसाल
हाइड्रोजन ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगी। यह पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तरह प्रदूषण नहीं फैलाएगी। इसके संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहेगा और उप-उत्पाद के रूप में केवल पानी निकलेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
जींद के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
दुनिया के चुनिंदा देशों में ही हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में पहली बार इस तकनीक से ट्रेन का संचालन होने जा रहा है और इसकी शुरुआत जींद से होना जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इससे न केवल जींद की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में आधुनिक रेलवे सुविधाओं और विकास को भी नई गति मिलेगी।

