ODISHA DESK, जाजपुर: भारत की आपातकालीन ईंधन सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। ओडिशा के जाजपुर जिले के चंडीखोल में एक विशाल भूमिगत कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार (Strategic Petroleum Reserve – SPR) स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर ‘इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड’ (ISPRL) और ‘अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी’ (ADNOC) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग ₹8,743 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इस भूमिगत भंडार की कुल क्षमता 40 लाख मीट्रिक टन (4 MMT) होगी।
भूमि अधिग्रहण की समस्याओं के कारण 2018 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी इस परियोजना में देरी हुई थी। हालांकि, अब काम में तेजी आने के साथ ही ओडिशा में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पेट्रोलियम विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध या किसी अंतरराष्ट्रीय संकट के समय यदि वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो यह भंडार देश की ईंधन आवश्यकता को लगभग दो सप्ताह (14 दिन) तक संभालने में सक्षम होगा।
इस परियोजना के लिए चंडीखोल का चयन इसके रणनीतिक भौगोलिक स्थान के कारण किया गया है। यह प्रस्तावित स्थल पारादीप बंदरगाह (Paradip Port) की गहरे समुद्र की सुविधाओं और IOCL पारादीप रिफाइनरी के काफी करीब है, जिससे कच्चे तेल के परिवहन और लॉजिस्टिक्स में बेहद आसानी होगी।
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