हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर के देवी अहिल्या बाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित और सुगम संचालन के लिए जल्द ही एक नया और अत्याधुनिक रडार सिस्टम लगाया जाएगा। राज्य सरकार इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। यह पहल इंदौर सांसद शंकर लालवानी द्वारा एयरपोर्ट पर आधुनिक रडार की आवश्यकता का मुद्दा उठाए जाने के बाद शुरू हुई है।
नया रडार क्यों है जरूरी?
पुराने सिस्टम से राहत: वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट पर लगा रडार सिस्टम काफी पुराना हो चुका है, जिससे उड़ानों के संचालन में तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। नागपुर पर निर्भरता होगी खत्म: फिलहाल इंदौर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) काफी हद तक नागपुर के रडार सिस्टम पर निर्भर रहता है। नया रडार लगने के बाद इंदौर एयरपोर्ट आत्मनिर्भर हो जाएगा। खराब मौसम में मिलेगी मदद: आधुनिक तकनीक से लैस यह रडार खराब मौसम, कोहरे या कम दृश्यता (Visibility) के दौरान भी विमानों को सटीक रास्ता दिखाने और उनकी सुरक्षित लैंडिंग व टेक-ऑफ में बेहद मददगार साबित होगा।
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रनवे विस्तार और घटती उड़ानों पर भी मंथन
बैठक के दौरान एयरपोर्ट के रनवे को बड़ा करने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई, ताकि भविष्य में यहां बड़े अंतरराष्ट्रीय विमानों की आवाजाही आसानी से हो सके। इसके अलावा, हाल के दिनों में इंदौर से कई प्रमुख शहरों की उड़ानें बंद या कम होने के कारण यात्रियों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द ही विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें, ताकि बंद हुई उड़ानों को दोबारा शुरू कराया जा सके और नए हवाई मार्गों को जोड़ा जा सके।

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