नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अप्रैल 2026 में हुई श्रमिक हिंसा के मामले में विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है. एसआईटी ने करीब 1500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है. हिंसा की साजिश रचने वालों और उपद्रव में सीधे तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं. रूपेश राय के 2018 से सरकार विरोधी नेटवर्क चलाने और हिंसा भड़काने के अहम साक्ष्य मिले हैं.

नोएडा के होजरी कांप्लेक्स स्थित रिचा ग्लोबल की जांच पूरी कर फेज दो कोतवाली पुलिस ने करीब 1500 पन्ने की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है. इसमें 77 गवाह बनाए गए हैं.

13 और 14 अप्रैल को नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इस दौरान कई स्थानों पर आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं. आगजनी और हिंसा के मामले में लगभग 34 आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है. फिलहाल सभी आरोपी अभी जेल में हैं.

जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर SIT ने करीब 10 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन पर हिंसा भड़काने और पूरी साजिश को अंजाम देने का आरोप है. लगभग दो दर्जन लोगों की सीधे तौर पर हिंसक गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है.

नोएडा श्रमिक हिंसा की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, अपर पुलिस आयुक्त करेंगे जांच,  15 मई तक मांगे गए सबूत

पुलिस ने इस प्रकरण के चार्जशीट में आरोपी रूपेश राय, आकृति, मनीषा चौधरी, सत्यम वर्मा, हिमांशु ठाकुर, सतीश कुमार समेत कई आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य होने का दावा किया है. ये सभी सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

फेज-2 कोतवाली में 12 अप्रैल को रिचा ग्लोबल होजरी कांप्लेक्स की तरफ से तोड़फोड़, मारपीट, आगजनी समेत अन्य आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया गया था. शुरुआती जानकारी के अनुसार CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर रूपेश राय, आदित्य आनन्द, सत्यम वर्मा, हिमांशु ठाकुर, आकृति, श्रृष्टि गुप्ता, मनीषा चौधरी, भूपेंद्र उर्फ भपी, सतीश कुमार उर्फ सिद्धार्थ, मदुरेश राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

इस प्रकरण के चार्जशीट में बताया गया है कि मुख्य आरोपी रूपेश राय के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई दस्तावेज, संदेश और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद हुई है. उसी ने श्रमिकों को हड़ताल और विरोध प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया था.

हालांकि मामले की जांच पूरी होने के बाद अब अदालत में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार इन दावों की अंतिम पुष्टि होगी.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m