पटना। गाजियाबाद में हो रहे मुख्य समारोह के साथ-साथ पटना में भी तेजस्वी यादव के पुत्र इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन की धूम देखने को मिली। पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने बेहद उत्साह के साथ इराज का जन्मदिन मनाया। यहां बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थकों ने केक काटकर अपनी खुशी का इजहार किया और इराज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाजियाबाद में सियासी जमावड़े की आहट
पटना में जहां कार्यकर्ताओं ने जोश दिखाया वहीं मुख्य आयोजन गाजियाबाद स्थित रागिनी विला में अत्यंत भव्यता के साथ हो रहा है। लालू यादव की पुत्री रागिनी आचार्य और दामाद राहुल यादव के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम के लिए पूरा लालू परिवार रविवार को ही गाजियाबाद पहुंच चुका है।





शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बना पारिवारिक आयोजन
इस जन्मदिन समारोह को केवल एक पारिवारिक जश्न तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि इसे लालू यादव की एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को मिली करारी हार के बाद यह लालू परिवार का पहला इतना बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे विपक्ष के शीर्ष नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। लालू यादव इस मंच के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर यह संदेश देने की कोशिश में हैं कि बिहार की राजनीति में उनका नेटवर्क अब भी मजबूत है।
रोहिणी आचार्य और पारिवारिक समीकरण
कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील पहलू रोहिणी आचार्य की उपस्थिति है। पिछले दिनों चुनाव के बाद रोहिणी द्वारा तेजस्वी के करीबी सहयोगियों पर लगाए गए आरोपों ने परिवार के भीतर के तनाव को सार्वजनिक कर दिया था। इराज के जन्मदिन पर सबकी नजरें इसी बात पर टिकी हैं कि क्या यह आयोजन परिवार की पुरानी तल्खी को भुलाने का जरिया बनेगा? बताया जा रहा है कि स्वयं लालू यादव ने फोन कर रोहिणी को आमंत्रित किया है। ऐसे में यह जन्मदिन इस बात का लिटमस टेस्ट है कि क्या लालू परिवार की आंतरिक कलह समाप्त हो रही है। यह आयोजन भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

