ब्राजील को वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा चलाए गए ऑपरेशन पर अपने देश को लेकर डर सताने लगा है. अमेरिका ने ब्राजील के दो बड़े क्रिमिनल ग्रुप्स को आतंकी संगठन घोषित कर दिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. अमेरिका के एक बड़े फैसले के बाद ब्राजील में राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर चिंता बढ़ गई है. ब्राजील अमेरिका महाद्वीप का हिस्सा है.
अमेरिका ने ब्राजील के 2 आपराधिक गिरोहों को FTO की सूची में रखा है. ब्राजील सरकार को इसी बात का डर है कि यह सूची ही अमेरिका के हमले करने का कारण बन सकता है.
ब्राजील को डर सता रहा है कि अमेरिका वेनेजुएला जैसा ऑपरेशन इस देश में भी चला सकता है. अमेरिकी प्रशासन ने ब्राजील के दो कुख्यात आपराधिक संगठनों कोमांडो वर्मेल्हो (Comando Vermelho-CV) और प्रिमेरो कोमांडो दा कैपिटल (Primeiro Comando da Capital-PCC) को FTO की श्रेणी में खड़ा कर दिया है.
विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) एक ऐसा ग्रुप है जो खासकर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या नागरिकों को इससे ज्यादा खतरा रहता है. अमेरिका, भारत सहित विभिन्न देशों द्वारा कई संगठनों को प्रतिबंधित किया गया है. इस ग्रुप में कई आतंकी संगठन को रखा गया है.
हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील के दो सबसे बड़े आपराधिक संगठनों कोमांडो वर्मेल्हो (Comando Vermelho-CV) और प्रिमेरो कोमांडो दा कैपिटल (Primeiro Comando da Capital-PCC) को अल कायदा और ISIS की कैटेगरी में रख दिया है.
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने संसद को लिखे पत्र में साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा उठाए गए यह कदम देश की संप्रभुता के लिए ठोस खतरा पैदा कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी फैसले के बाद देश में मिलिट्री एक्शन या किसी तरह के हस्तक्षेप का जोखिम बढ़ गया है.
ब्राजील सरकार को आशंका है कि ड्रग तस्करी और अपराध के नाम पर अमेरिका ब्राजील के अंदर सैन्य ऑपरेशन चला सकता है, जैसे पहले दूसरे देशों में देखा गया है. ब्राजील सरकार इसे अपने आंतरिक मामलों में दखल मान रही है.
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