Israel Defence Minisiter On US-Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। ईरान में 300 अरब डॉलर निवेश, ईरानी फंड रिलीज, ईरानी तेल पर से बैन हटाने समेत 14 शर्तों के साथ अमेरिका और ईरान के बीच ये समझौता हुआ है। हालांकि यूएस-ईरान पीस डील की घोषणा के चंद घंटे बाद ही इस पर खतरे के बादल मंडराने लगा है। इजराइल ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का विरोध किया है। अमेरिका-ईरान पीस डील पर दहारते हुए इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ (Israel Katz) ने कहा कि इजराइल बनाना रिपब्लिक (Banana republic) देश नहीं है। इजराइल स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है। ट्रंप का ये समझौता हमें मानने के लिए बाध्य नहीं करता है।

इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौता लंबित है, तब तक इजरायल लेबनान में कब्ज़े वाली ज़मीन से पीछे नहीं हटेगा। इजराइल कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ (कमजोर या पिछड़ा देश) नहीं है।

अंतरिम समझौते की घोषणा के बाद इजराइल की ओर से इजराइल काट्ज़ की ये पहली आधिकारिक टिप्पणी की है। काट्ज़ ने कहा कि इजराइल लेबनान के साथ-साथ सीरिया और गाज़ा पट्टी में अपने कब्ज़े वाले इलाकों में अनिश्चित काल तक बने रहने की योजना बना रहा है। ईरान ने युद्ध से जुड़े इस अंतरिम समझौते को लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर इज़रायल के हमलों को रोकने की शर्त से जोड़ा है। काट्ज़ ने यह भी धमकी दी कि अगर ईरान लेबनान में इज़राइली हमलों को लेकर इज़राइल पर हमला करता है, तो इजरायल ईरान पर “ज़बरदस्त ताक़त” से हमला करेगा। बता दें कि इजरायल ने गाज़ा, लेबनान और सीरिया में कुल 1,000 वर्ग किलोमीटर इलाके पर नियंत्रण कर रखा है।

हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्रः राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने कहा कि ट्रंप का समझौता हमें बाध्य नहीं करता। इज़राइल अमेरिका के अधीन नहीं है, और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं। जब भी हमने इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेके, हमें उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। ओस्लो समझौते के समय भी ऐसा ही हुआ, 2006 के लेबनान समझौते में भी यही हुआ और गाजा में नियंत्रण की हर कोशिश के दौरान भी यही हुआ, जिसका नतीजा हमारे लिए बहुत बुरा रहा। बेन-ग्विर ने इस डील पर संदेह भरी टिप्पणी रखते हुए कहा कि हम अमेरिका से प्यार करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के आभारी हैं. फिर भी इजरायल कोई ‘बनाना रिपब्लिक’नहीं है।

क्या होता है बनाना रिपब्लिक

बनाना रिपब्लिक राजनीतिक में एक व्यंग्यात्मक और अपमानजनक शब्द है। इसका इस्तेमाल उन देशों के लिए किया जाता है जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हों। उन देशों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से एक या कुछ सीमित प्राकृतिक संसाधनों के निर्यात पर निर्भर हो, और जो विदेशी कंपनियों या हितों द्वारा शोषित होते हो। यह शब्द वर्ष 1904 में अमेरिकी लेखक ओ. हेनरीने सबसे पहले इस्तेमाल किया था। उस समय इस शब्द के इस्तेमाल लैटिन अमेरिकी देशों के लिए किया गया था, जहां विदेशी फल कंपनियों का अत्यधिक नियंत्रण था और वे स्थानीय सरकारों को प्रभावित करती थीं।

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